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कुछ ऐसा बनाया जा रहा है अंबानी का 10,000 करोड़ की लागत वाला 'प्रतिष्ठित' जियो इंस्टिट्यूट

सुनील रावत | Updated on: 13 November 2018, 16:29 IST

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) (Reliance Industries) ने अपने 10,000 करोड़ की लागत वाले जियो इंस्टीट्यूट (Jio Institute) पर काम शुरू कर दिया है. जिसे मेडिसिन, उदार कला और खेल के लिए केंद्र माना जा रहा है. केंद्र ने इसे ग्रीनफील्ड श्रेणी के तहत प्रतिष्ठ संस्थान का टैग भी दिया है, जिस पर बेहद विवाद भी हुआ था. रिलायंस फाउंडेशन इंस्टीट्यूशन ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च (आरएफआईईआर) द्वारा इसे संचालित किया जायेगा. आरआईएल कर्जत, रायगढ़ में संस्थान स्थापित कर रहा है.

इसके अलावा आरआईएल 800 एकड़ की जमीन और जोड़कर इस संस्थान को तैयार कर रहा है. इससे जुड़े एक अधिकारी ने बताया  कि एक विश्वस्तरीय स्तर के सस्थान को बनाने के लिए ज्यादा जमीन की आवश्यकता होगी. आरआईएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी जियो इंस्टीट्यूट की गवर्निंग कॉउन्सिल के पहले सदस्य होंगे, जबकि बेटी ईशा अंबानी आरएफआईआरई के निदेशक हैं.

संस्थान की गवर्निंग कॉउन्सिल परिषद में एक कुलपति और उप कुलपति को मिलकर कुल छह सदस्य शामिल होंगे जो अकादमिक, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में विशेषज्ञ होंगे. इसके अलावा अधिकतम सात सदस्यों को स्थायी सदस्यों सहित रिलायंस फाउंडेशन द्वारा मनोनीत किया जाएगा. आरआईएल लगभग एक दशक तक संस्थान स्थापित करने की योजना बना रहा है. 2011 में आरआईएल की 37 वीं वार्षिक आम बैठक में अंबानी ने महाराष्ट्र में विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय स्थापित करने की अपनी योजना की घोषणा की थी.

इस दौरान अंबानी ने उन्होंने आरआईएल से 500 करोड़ रुपये के नियोजित योगदान के साथ रिलायंस फाउंडेशन के गठन की भी घोषणा की थी. जियो इंस्टीट्यूट का चरण 3-4 साल में पूरा हो जाएगा. इससे पहले रिलायंस ने कुल मिलाकर 114 संस्थानों में "प्रतिष्ठा के संस्थान टैग के लिए आवेदन किया था. प्रतिष्ठित संस्थान का टैग मिलने से जियो इंस्टिट्यूट को 1,000 करोड़ रुपये की विशेष फंडिंग मिलेगी. जियो इंस्टीट्यूट पर "प्रतिष्ठा संस्थान" टैग प्रदान करने के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था.

एचआरडी मंत्रालय ने टैग के प्राप्तकर्ताओं के रूप में तीन सार्वजनिक और तीन निजी संस्थानों का नाम दिया. सूची में जियो इंस्टीट्यूट, बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस पिलानी, मणिपाल अकादमी ऑफ हायर एजुकेशन, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बैंगलोर और मुंबई और दिल्ली में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान शामिल हैं.

जियो इंस्टीट्यूट ने अशोक विश्वविद्यालय, ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय और अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय समेत 27 मौजूदा निजी संस्थानों को मात दी. जिन्होंने प्रतिष्ठित टैग प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था. जियो इंस्टीट्यूट कंपनी अधिनियम 2013 के प्रावधानों के अधीन डिबेंचर्स, डिबेंचर-स्टॉक, बॉन्ड और किसी भी अन्य मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट सहित प्रतिभूतियों में आरएफआईईआर के साथ लापरवाही से जुड़े पैसे का निवेश करने की भी योजना बना रहा है.

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First published: 13 November 2018, 15:42 IST
 
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