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अगर रिलायंस जियो लेने का सोच रहे हैं तो पहले इसे पढ़ लीजिए

नीरज ठाकुर | Updated on: 11 February 2017, 5:47 IST

देश में रिलायंस जियो की 4जी सेवाएं शुरू होने के साथ ही एयरटेल और वोडाफोन जैसी बाजार में मौजूद दिग्गज कम्पनियों और नए चुनौतीदाता रिलायंस जियो के बीच गुरिल्ला युद्ध शुरू हो चुका है.

मंगलवार को वोडाफोन, एयरटेल और आइडिया, तीनों ने पीएमओ में दस्तक दी.

मुफ्त में कॉल की सुविधा उपलब्ध कराने की रिलायंस जियो की घोषणा के खिलाफ सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने सरकार को एक कड़ा पत्र लिखा है जिसमें कहा गया है वे इस रिलायंस को उनकी फ्री-कॉल की बाढ़ को संभालने की स्थिति में नहीं है.

एयरटेल जैसे मोबाइल ऑपरेटरों के संगठन ने अब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को पत्र लिखकर कहा है कि वे रिलायंस के इंटरकनेक्ट आग्रहों को पूरा करने के लिए बाध्य नहीं हैं क्योंकि जियो की योजना प्रतिस्पर्धा के रास्ते में बड़ी बाधा है. सीओएआई ने उचित प्रतिस्पर्धा को बहाल करने के लिए पीएमओ से हस्तक्षेप की अपील की है.

चूंकि टेलीकॉम कंपनियों के बीच यह गुरिल्ला युद्ध की ही तरह एक छद्म युद्ध है, इसलिए हर कोई ओट लेकर लड़ रहा है, सामने कोई नहीं आ रहा. बाजार के ये प्रतिस्पर्द्धी आपस में पर्दे के पीछे रह कर वाक युद्ध कर रहे हैं.

इस सप्ताह सोमवार से जियो की 4जी सेवा के तहत उपभोक्ताओं को 50 रुपए प्रति जीबी की सबसे कम दरों पर मुफ्त वॉइस कॉल देने का दावा किया गया. रिलायंस जियो के प्लान 19 रुपए से शुरु हो रहे हैं. साथ ही मुफ्त वॉइस कॉलिंग भी दी जा रही है.

पढ़ें: सबसे बड़ी खुशखबरीः मुफ्त रिलायंस जियो 4जी सिम और अनलिमिटेड ऑफर अब हर 4जी स्मार्टफोन यूजर के लिए

इस तरह के दावों से एयरटेल, आइडिया और वोडाफोन जैसे सेवा ऑपरेटरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. उनकी ग्राहक सेवा पर ऐसे कॉल्स की कतार लगी हुई है. उनके पास हजारों की संख्या में ऐसे कॉल्स आ रहे हैं, जिन पर पूछा जा रहा है कि क्या वे भी अपने सेवा शुल्क में कटौती करेंगे? कम से कम रिलायंस जियो जितनी. ये सारी कम्पनियां उपभोक्ताओं को यह समझाने में लगी हैं कि ये सारे प्लान फर्जी हैं और इनमें बहुत सा छिपा हुआ शुल्क है, जो फिलहाल बताया नहीं जा रहा है.

एयरटेल ने क्या कहा

उदाहरण के लिए एयरटेल ने अपने उपभोक्ताओं से कहा है कि-

  • जहां 4जी नेटवर्क उपलब्ध नहीं हैं, वहां रिलायंस पर कोई नेटवर्क आएगा ही नहीं, जबकि दूसरी कम्पनियों की तरह रिलायंस की सेवाएं 2 जी या 3जी नेटवर्क पर उपलब्ध नहीं हैं.
  • यह केवल 4जी हैंडसैट पर अपनी सेवाएं देगा. इसलिए उपभोक्ता को महंगा पड़ेगा क्योंकि उन्हें इसके लिए पहले 4जी हैंडसैट खरीदना होगा.
  • 4जी कवरेज कुछ क्षेत्रों तक ही सीमित है, हाईवे और ग्रामीण इलाकों में दिक्कत आती है.
  • जियो पर दिए जाने वाले नि:शुल्क फायदे केवल एक पंजीकृत हैंडसैट पर लागू होंगे. उपभोक्ता द्वारा हैंडसैट बदलने के बाद कोई मुफ्त लाभ नहीं मिलेगा.
  • देश की दूसरी सबसे बड़ी दूरसंचार कम्पनी वोडाफोन भी अपने उपभोक्ताओं को इसी तरह की दलीलें देकर रिलायंस जियो की तरफ रुख करने से रोक रही है.

वोडाफोन की प्रतिक्रिया

वोडाफोन ने उपभोक्ताओं को ऐसे सभी सामान्य सवालों के जवाब देने के लिए अपने स्तर पर एक सवाल-जवाब का एक फॉर्म तैयार किया है.

जियो 50 रुपए प्रति जीबी का डेटा प्लान उपलब्ध करवा रहा है, वोडाफोन ऐसे ऑफर कब ला रहा है?

प्रिय उपभोक्ता,

मैं आपको बताना चाहूंगा कि जियो का ऐसा कोई प्लान नहीं है, जिसमें 50 रूपए प्रति जीबी प्लान ऑफर की गई हो.

सबसे कम कीमत का जियो का जो प्लान है, वह है- 67 रूपए प्रति जीबी और वह भी 4999 रुपए के मासिक किराए पर.

जियो सबसे तेज डेटा स्पीड पर मुफ्त वॉइस कॉल उपलब्ध करवा रही है?

प्रिय उपभोक्ता,

आपको जियो पर मिलने वाले मुफ्त कॉल्स का फायदा उठाने के लिए किसी न किसी डेटा प्लान का भुगतान करना होगा, वह भी जियो का...

1. वॉइस कॉल तभी हो पाएंगे जब आप 4जी डेटा कवरेज क्षेत्र में होंगे. जियो के पास इसके अलावा और कोई नेटवर्क नहीं है. इसका मतलब है, जहां कोई कवरेज क्षेत्र नहीं है वहां आप जियो कनेक्शन से कोई कॉल नहीं कर पाएंगे.

2. आपको एक 4 जी हैंडसैट लेना होगा, जिससे आप कॉल कर सकेंगे, जबकि वोडाफोन पर आप 4 जी नेटवर्क न होने की स्थिति में 3 जी या 2 जी नेटवर्क पर भी बात कर सकते हैं, साथ ही हमारा नेटवर्क सभी उपकरणों पर चलता है. हम आपको यह भी बताना चाहेंगे कि जियो पर वॅाइस सर्विस पर बहुत ही अधिक दबाव है, चूंकि आप हमारे उच्च स्तरीय उपभोक्ता हैं इसलिए आपका व्यवसाय प्रभावित हो सकता है. वोडापफोन पर आपको हमेशा विश्वसनीय और जोखिम मुक्त वॉइस कॉल और डेटा स्पीड का लाभ मिलेगा.

जियो के साथ मैं काफी बचत कर सकूंगा!

जियो का इस्तेमाल करने के लिए आपको एक 4जी हैंडसैट खरीदना होगा जो कि काफी महंगा है. साथ ही अगर आप वॉइस कॉल के लिए मोबाइल सेवा का इस्तेमाल करते हैं तो आपको न्यूनतम 150 रूपए खर्च करने होंगे जो कि काफी महंगा है. अगर आप डेटा के लिए मोबाइल सेवा का उपयोग कर रहे हैं तो आपको न्यूनतम 500 रूपए खर्च करने होंगे.

रिलायंस जियो का प्रतिद्वंदियों को जवाब

रिलायंस जियो भी एक अनाधिकृत संवाद के जरिये अपने प्रतिद्वंदियों के दावों को खारिज कर रहा है. रिलायंस जियो के अनुसार-

कम्पनी ने देश में दूरसंचार का सबसे बड़ा आधार भूत ढांचा खड़ा किया है. 2.6 हजार किलोमीटर में रिलायंस के ऑप्टिक फाइबर बिछे हैं, जो कि देश के दो लाख गांवों तक फैले हैं. एयरटेल और वोडाफोन अपने नेटवर्क के बारे में गारंटी भले ही न दे पाएं लेकिन हम जानते हैं कि हमारे उपभोक्ता को हमारा 4जी नेटवर्क हमेशा मिलेगा, वे चाहे जहां भी जाएं.

वॉइस कॉल सभी उपभेक्ताओं के लिए मुफ्त है, भले ही वे 149 रुपए वाला प्लान इस्तेमाल कर रहे हों या 4999 रुपए वाला जबकि एयरटेल केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मुफ्त वॉइस कॉल की सुविधा दे रहा है, जो इसके 1498 रुपए वाला प्लान इस्तेमाल कर रहे हैं. हम चाहते हैं सभी भारतवासी अनलिमिटेड वॉइस कॉल्स का फायदा उठाएं.

पढ़ें: इस नंबर पर घंटी बजाओ-मुफ्त रिलायंस जियो 4जी सिम पाओ

हमारी सिम सभी 4जी स्मार्ट फोन में चलती है. बाजार में 4जी के लिए उपयुक्त बहुत से हैंडसैट उपलब्ध हैं. यह बेकार का दुष्प्रचार है कि जियो के लिए आपको रिलायंस का ही हैंडसैट खरीदना होता है.

4999 रुपए के प्लान में हम 4 जीबी का 4जी पर्सनल डेटा और 8 जीबी का वाई-फाई डेटा उपलब्ध करवा रहे हैं. इसे रिलायंस जियो वाई-फाई जोन में इस्तेमाल किया जा सकता है. ज्यादातर लोग अपना फोन रास्ते में चलते हुए इस्तेमाल करते हैं. हम देश भर में वाई-फाई जोन बना रहे हैं. देश के सारे शहरों में मुख्य स्थानों पर मुफ्त वाई-फाई जोन उपलब्ध होंगे और रिलायंस उपभोक्ता इन सभी जगहों पर अपना 8 जीबी डेटा प्रति माह का इस्तेमाल कर सकेंगे.

वास्तविकता और दुष्प्रचार

यह सही है कि बाजार में पहले से मौजूद कम्पनियां तीन प्रकार के नेटवर्क 2 जी, 3 जी और 4 जी पर चल रही हैं. इसलिए जिन स्थानों पर 3 जी और 4 जी नेटवर्क उपलब्ध नहीं होता है, वहां ये कम्पनियां उपभोक्ता को दूसरे नेटवर्क का विकल्प उपलब्ध करवाते हैं जबकि रिलायंस के पास 4 जी नेटवर्क के अलावा कोई और विकल्प उपलब्ध नहीं है.

पढ़ें: हमें तो मिल गया रिलायंस जियो सिम, आपने लिया क्या?

इसका मतलब यह है कि अगर आप अंडरग्राउंड मेट्रो या कहीं बेसमेंट में हैं तो आप कॉल ही नहीं कर पाएंगे. परन्तु रिलायंस का यह दावा भी सही है कि उसने देश में ऑप्टिक फाइबर का सबसे बड़ा जाल बिछाया है, जो यह आश्वस्त करता है कि बेसमेंट में भी आपको 4 जी नेटवर्क मिलेगा.

इसके लिए किसी न किसी रिलायंस जियो उपभोक्ता को अंडरग्राउंड मेट्रो या बेसमेंट में जा कर 4जी सेवा का इस्तेमाल कर देखना होगा कि दावा कितना सही है.

मुफ्त वॉइस कॉल दरअसल रिलायंस जियो के सभी उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त हैं. दूसरे विकसित देशों की बजाय भारतीय लोग अब भी एक दूसरे से बात करने के लिए वॉइस कॉल्स का ही इस्तेमाल करते हैं. रिलायंस जियो का ऑफर हमें याद दिलाता है कि 2002 में रिलायंस इंफोकॉम ने इनकमिंग कॉल्स का शुल्क लेने की अवधारणा को ही खत्म कर दिया था.

पढ़ें: 3जी स्मार्टफोन पर रिलायंस जियो 4जी सिम चलाने के 3 तरीके

जहां तक फ्री वाई-फाई जोन की बात है, यह भविष्य ही तय करेगा कि यह कितना फलीभूत होगा. यह सही है कि हममें से बहुत लोग कनॉट प्लेस दिल्ली या बैंडस्टैंड, बांद्रा, मुंबई में 4 जी नेटवर्क जोन में ही मोबाइल पर बात करते हैं. प्रतिद्वंदी कम्पनियों को इस पर भी विचार करना चाहिए.

कुल मिला कर बात यह है कि रिलायंस जियो द्वारा घोषित किए गए शुल्क दूसरी कम्पनियों से बेहतर हैं, लेकिन साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि बात केवल शुल्क की नहीं है. 2002 में जब मुकेश अंबानी ने अत्यधिक सस्ती दरों पर सेवाएं उपलब्ध करवाई थीं. पहले छह माह तो कम्पनी लोगों की आंख का तारा रही फिर धीरे-धीरे लोग पुनः अपनी मूल सेवा प्रदाता कम्पनियों की ओर लौटने लगे.

ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि एयरटेल और वोडापफोन के मुकाबले रिलायंस इंफोकॉम का नेटवर्क कहीं नहीं टिक पा रहा था. परन्तु अगर मुकेश अंबानी ने अतीत से सबक लिया है तो वाकई वे दूरसंचार क्षेत्र की अग्रणी कम्पनियों को कड़ी टक्कर दे सकते हैं.

First published: 8 September 2016, 7:46 IST
 
नीरज ठाकुर @neerajthakur2

सीनियर असिस्टेंट एडिटर, कैच न्यूज़. बिज़नेसवर्ल्ड, डीएनए और बिज़नेस स्टैंडर्ड में काम कर चुके हैं.

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