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सुप्रीम कोर्ट ने पावर कंपनियों को दी बड़ी राहत, खारिज किया आरबीआई का निर्देश

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 April 2019, 11:53 IST

बिजली, शुगर, शिपिंग और अन्य कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भारतीय रिज़र्व बैंक के 12 फरवरी 2018 के सर्कुलर को अवैध घोषित कर दिया है, जिसके माध्यम से आरबीआई ने बैंकों से डिफ़ॉल्ट बिजली, चीनी, शिपिंग कंपनियों को दिवालिया घोषित करने के लिए कहा था.

एस्सार पावर, जीएमआर एनर्जी, केएसके एनर्जी, और रतन इंडिया पावर के साथ-साथ पॉवर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (एपीपी) और इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने इसकी संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. 12 फरवरी 2018 को RBI ने बैंकों और अन्य उधारदाताओं को तनावग्रस्त खातों NCLT के खिलाफ दिवालिया याचिका दायर करने के लिए कहा था.

 

इस परिपत्र में बैंकिंग क्षेत्र के नियामक ने ऋण समाधान के लिए 180 दिनों की अनुमति दी थी, जिसमें विफल रहने पर संपत्ति को राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में उनके खिलाफ दिवालिया घोषित करने के लिए कहा था. 31 अगस्त, 2018 को समय सीमा समाप्त हो गई.

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First published: 2 April 2019, 11:53 IST
 
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