Home » बिज़नेस » Remittance outflows nearly doubled in the first ten months of the 2017-2018 financial year
 

रिश्तेदारों को गिफ्ट के नाम पर भारत से विदेशों को भेजी जा रही करोड़ों की रकम

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 March 2018, 16:38 IST

आरबीआई के आंकड़ों की मानें तो अप्रैल 2017 और जनवरी 2018 के बीच देश से बाहर जाने वाला धन  (Remittance outflows) 8.2 बिलियन अमरीकी डॉलर था. यह 2016-17 के पहले दस महीनों में विदेशों में भेजे गए 4.6 अरब डॉलर का दोगुना था. अकेले जनवरी 2018 में 12 बिलियन डॉलर का रिकॉर्ड पैसा देश से बाहर भेजा गया. देश से बाहर लगभग 90 फीसदी पैसा शिक्षा, पर्यटन और रिश्तेदारों के लिए गिफ्ट के भुगतान में बाहर जा रहा है.

आरबीआई के नियमों के मुताबिक भारतीय निवासी अपने रुपयों को परिवर्तित कर विदेश में रिश्तेदारों को वर्ष में 250,000 डॉलर तक भेज सकते हैं. जब यह योजना 2004 में शुरू हुई थी इसकी सीमा 25,000 डॉलर में निर्धारित की गई थी. बाद में इसे 2006 में 50,000 डॉलर तक और फिर 2007 में दो बार 100,000 डॉलर और 200,000 डॉलर कर दिया गया था.

यू.एस. ट्रेजरी बांडों में वृद्धि के बावजूद 2013 में यह सीमा 75,000 कम कर दी गई थी. बाद में इसे 2014 में 125,000 डॉलर तक और बाद में, 2015 में 250,000 डॉलर कर दिया गया.

हाल ही की रिपोर्ट है कि 7,000 भारतीय डॉलर करोड़पति पिछले साल देश छोड़ गए. मॉर्गन स्टेनली इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट के एक अध्ययन के मुताबिक, पिछले चार वर्षों में कुल 23,000 धनी भारतीय  (1 मिलियन डॉलर से अधिक की शुद्ध संपत्तियों के साथ) भारत छोड़ चुके हैं. ये भारतीय ब्रिटेन, दुबई और सिंगापुर जैसे देशों में रह रहे हैं.

इस अध्ययन में यह भी कहा गया है कि ये करोड़पतियों की आबादी का 2.1 फीसदी है. इस संख्या का चीन से तुलना करें तो यह कहीं ज्यादा है. चीन में देश छोड़ने वाले करोड़पतियों की संख्या 1.1 फीसदी रही. क्या भारतीय समृद्ध लोग जल्द ही देश से निकल जाने की जल्दी में हैं, ताकि ज्यादा खर्च कर सकें.

First published: 28 March 2018, 16:38 IST
 
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