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ATM चार्ज को लेकर RBI ने बैंकों को दिया आदेश, बैलेंस इन्क्वायरी-फ्री ट्रांजेक्शन के बारे में कही ये बड़ी बात

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 August 2019, 12:24 IST

अगर आप ATM का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है. क्योंकि अब बैलेंस इन्क्वायरी और फेल ट्रांसजेक्सन को को फ्री लिमिट में नहीं गिना जाएगा. इस बारे में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सभी बैंकों को कहा है. आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि तकनीकी वजहों और कैश नहीं होने जैसी वजहों से फेल होने वाले एटीएम ट्रांजेक्शंस को फ्री ट्रांजेक्शंस की लिमिट में शामिल ना करें.साथ ही नॉन कैश विड्रॉल ट्रांजेक्शंस को भी इस श्रेणी में नहीं माना जाए.

बता दें कि आरबीआई के नियमों के मुताबिक सभी बैंक हर महीने अपनी बैंक के एटीएम से पांच बार ट्रांजेक्शन फ्री और दूसरे बैंक के एटीएम से तीन बार ट्रांजेक्शन फ्री रखती है. वहीं महानगरों में ये लिमिट क्रमशः तीन-तीन ट्रांजेक्शन मुफ्त है. इसके अलावा अगर आप एटीएम में अपने अकाउंट का बैलेंस चैक करते हैं या ट्रांजेक्शन फेल हो जाता है तो बैंक इसे भी फ्री लिमिट में ही काउंट करते हैं, लेकिन आईबीआई ने सभी बैंकों को ट्रांसजेक्शन फेल और बैलेंस इन्क्वायरी को फ्री ट्रांजेक्शन में ना जोड़ने का बैंकों को आदेश दिया है.

जानें बैंक की ट्रांजेक्शन फ्री कैटेगरी की लिमिट से अलग

खाते में रकम की जानकारी यानि अपने अकाउंट का बैलेंस जानना फ्री कैटेगरी में आता हैइसके अलावा चेक बुक के लिए आवेदन भी फ्री कैटेगरी में रखा गया है. टैक्स का भुगतान भी फ्री कैटेगरी में है. फंड ट्रांसफर को भी फ्री कैटेगरी में रखा गया है.

बता दें कि पांच और तीन ट्रांजेक्शन के बाद बैंक ग्राहकों से शुल्क वसूलते हैं. हालांकि आरबीआई को शिकायतें मिल रही थीं कि एटीएम में नकदी उपलब्ध नहीं होने और सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर की गड़बड़ी जैसी वजहों से फेल ट्रांजेक्शंस को भी बैंक फ्री ट्रांजेक्शंस की श्रेणी में गिनते हैं.

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First published: 15 August 2019, 12:11 IST
 
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