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मोदी सरकार को इस मोर्चे पर लगा झड़का, तो इसने दी बड़ी राहत

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 January 2018, 13:16 IST

मोदी सरकार के लिए शुक्रवार को दो बड़ी खबरें आई. इसमें से एक राहत देने वाली थी, तो एक बड़ा झटका देने वाली. मोदी सरकार के लिए ओद्योगिक क्षेत्र से बड़ी खुशखबरी आई. नवंबर महीने में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP)  की ग्रोथ ने 8.4 फीसदी पर पहुंच गई. ये पिछले 17 महीने की सबसे बड़ी ओद्योगिक दर है. नोटबंदी और जीएसटी के बाद इस क्षेत्र में खासी गिरावट देखी गई थी.

वहीं दूसरी तरफ बढ़ती महंगाई मोदी सरकार के लिए बड़ा सिर दर्दी साबित हो रही है. दिसंबर के महीने में भी रिटेल महंगाई दर में जबरदस्त बढोतरी हुई है. पिछले साल नवंबर में रिटेल महंगाई 4.88 फीसदी पर थी जो दिसंबर में बढ़कर 5.21 फीसदी पर पहुंच गई. ये आखिरी 16 महीनों में सबसे ज्यादा है.

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने शुक्रवार को ये आंकड़े जारी किये हैं. पिछले साल अक्टूबर में आइआइपी की दर दो प्रतिशत थी, जबकि उससे पहले नवंबर 2016 में आइआइपी की दर 5.1 प्रतिशत थी. गौरतलब है कि इससे पहले आइआइपी की उच्चतम दर 8.9 प्रतिशत जून 2016 में थी.  

मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ नवबंर में 2.5 फीसदी से बढ़कर 10.2 फीसदी हो गई. वहीं माइनिंग सेक्टर की ग्रोथ 0.2 फीसदी से बढ़कर 1.1 फीसदी पहुचं गई है. इसके अलावा इलेक्ट्रिसिटी, कैपिटल गुड्स, इंफ्रा और कंस्‍ट्रक्शन सेक्टर में भी बढोतरी देखी गई. वहीं नवबंर में कंज्यूमर ड्युरेबल्स गुड्स की ग्रोथ -6.9 फीसदी से बढ़कर 2.5 फीसदी पहुंच गई.

महंगाई की बात करे तो अंडे, सब्जियों और फूड आइटमों के दामों में बढोतरी के कारण दिसंबर के महीने में रिटेल महंगाई दर बढ़ी है. गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक(आरबीआई) ने दिसंबर में रिटेल महंगाई 4 फीसदी के आसपास रहने का अनुमार लगाया था.

आरबीआई का कहना था कि इसमें 2 फीसदी का अंतर आ सकता है. लेकिन रिटेल महंगाई दर के 5 फीसदी के ऊपर जान से लोगों को महंगे कर्ज का सामना करना पड़ सकता है. अब अपनी मौद्रिक नीति में आरबीआई के ऊपर रेपो रेट बढ़ाने का दबाव बढ़ सकता है.

First published: 13 January 2018, 13:16 IST
 
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