Home » बिज़नेस » Revealed: In India's general elections exploded WhatsApp restrictions
 

भारत के चुनावों में WhatsApp के इस्तेमाल पर पर रॉयटर्स का खुलासा, ऐसे हुआ दुरूपयोग

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 May 2019, 16:25 IST

भारत में लोकसभा चुनाव के दौरान व्हाट्सएप जैसे ऐप की जरूरत बढ़ी है. हालही में सरकार ने व्हाट्सऐप के दुरूपयोग को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने को कहा था. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट की माने तो भारत में व्हाट्सएप क्लोन और सॉफ्टवेयर टूल जिनकी कीमत 14 डॉलर से कम है, राजनीतिक पार्टियों को प्रतिबंधों से बचने में मदद कर रहे हैं. जानकारों की माने तो ये क्लोन और सॉफ्टवेयर फेसबुक इंक के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप की चुनौतियों को बढ़ा रही है.

रिपोर्ट के अनुसार भारत में इनका बाजार 200 मिलियन से अधिक उपयोगकर्ताओं के साथ लगातार बढ़ रहा है. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और इसकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी, कांग्रेस पार्टी की डिजिटल कंपनियों और सूत्रों के अनुसार 19 मई को संपन्न होने वाले आम चुनावों में प्रचार अभियान के साथ, ऐसे उपकरणों की मांग बढ़ गई है. पिछले साल व्हाट्सएप पर झूठे संदेशों के मॉब लॉन्चिंग जैसी घटनाएं घाटी थी, इसके बाद कंपनी ने केवल पांच उपयोगकर्ताओं तक एक सन्देश को भेजने तक सीमित कर दिया था.

रॉयटर्स ने पाया कि व्हाट्सएप का भारत में राजनीतिक प्रचार के लिए कम से कम तीन तरीकों से दुरुपयोग किया गया. ऑनलाइन उपलब्ध मुफ्त क्लोन ऐप का इस्तेमाल कुछ भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा बड़े पैमाने पर संदेशों को मैन्युअल तरीके से भेजने के लिए किया गया था. वहीं कुछ सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ताओं को व्हाट्सएप संदेशों की डिलीवरी को स्वचालित करने की अनुमति देते हैं.

 

रिपोर्ट के अनुसार Amazon.com की भारत वेबसाइट पर कम से कम तीन सॉफ्टवेयर टूल उपलब्ध थे. जब एक रायटर रिपोर्टर द्वारा खरीदा गया तो वे बिना किसी कंपनी की ब्रांडिंग के पतले कार्डबोर्ड केसिंग के अंदर कॉम्पैक्ट डिस्क के रूप में पहुंचे. इसी तरह अब लोकप्रिय ऐप्स क्लोन संस्करण आम हो गए हैं. व्हाट्सएप प्रतिबंधों को रोकने के लिए इंडोनेशिया और नाइजीरिया में कई टूल इस्तेमाल किये जा रहे हैं, जहां चुनाव होने हैं.

 

कांग्रेस के दो सूत्रों और भाजपा के एक सूत्र ने बताया कि रायटर ने अपने कार्यकर्ताओं ने "GBWhatsApp" और "JTWhatsApp" जैसे क्लोन ऐप का इस्तेमाल किया, जिससे उन्हें व्हाट्सएप के प्रतिबंधों में कटौती करने की अनुमति मिली. दोनों ऐप में एक हरे रंग का इंटरफ़ेस है जो व्हाट्सएप के समान है और इसे दर्जनों प्रौद्योगिकी ब्लॉगों से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है. वे Google के आधिकारिक ऐप स्टोर पर उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन एंड्रॉइड फोन पर काम करते हैं.

मुंबई में, भाजपा के एक वरिष्ठ उम्मीदवार की सोशल मीडिया टीम में एक व्यक्ति ने कहा कि JTWhatsApp पर कोई प्रतिबंध नहीं है, इसका मतलब है कि उनकी टीम आसानी से एक दिन में 6,000 लोगों को फॉरवर्ड भेज सकती है, साथ ही राजनीतिक सामग्री वाली वीडियो फाइलें भी आकार में बड़ी हो सकती हैं.

अब ATM मशीनों के लिए तरस सकते हैं आप, RBI के आंकड़ों ने दिए डराने वाले संकेत

First published: 15 May 2019, 16:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी