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पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से पेट्रोलियम मंत्री ने झाड़ा पल्ला, बताया इंटरनेशनल कमोडिटी

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 April 2018, 15:52 IST

इंटरनेशनल बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर केंद्र के लिए परेशानी बढ़ती जा रही है. केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर सफाई देते हुए कहा कि ''पेट्रोलियम उत्पाद की अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी है. जब भी कीमतों में वृद्धि होती है तो हमारे बाजार की कीमतों पर भी असर पड़ता है. उन्होंने कहा, भारत उपभोक्ताओं को लेकर संवेदनशील देश है. हम चिंतित हैं इस पर काम कर रहे हैं.

प्रधान ने यह भी कहा ''मैं जीएसटी परिषद से अपील करता हूं पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के ढांचे में शामिल किया जाये. ताकि उपभोक्ताओं को पूरे देश में एक तर्कसंगत मूल्य पर उत्पाद मिल सकें. पेट्रोल और डीजल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके हैं. राजधानी दिल्ली में पहली बार दाम चार साल में सबसे ऊपर पहुंच चुके हैं. दिल्ली में सोमवार को पेट्रोल के दाम 73.83 प्रति लीटर थे.

मोदी सरकार के साल 2014 में सत्ता में आने के बाद से इंटरनेशनल मार्केट में पेट्रोल की कीमतों ने मोदी सरकार को खूब राहत दी. इन्ही कीमतों पर सरकार ने 9 बार पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी की. हालांकि जैसे ही इंटरनेशनल बाजार में दाम बढ़ने शुरु हुए तो सरकार ने बीते अक्टूबर में 2 रुपये प्रति लीटर तक टैक्स में कटौती की.

उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद, केंद्र ने राज्यों को वैट भी कम करने के लिए कहा था, लेकिन उनमें से सिर्फ चार महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश ने दरों में कमी की. जबकि भाजपा शासित राज्यों ने भी इसको नजरअंदाज कर दिया. जब केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2017 में उत्पाद शुल्क में 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 70.88 रुपये प्रति लीटर और डीजल 59.14 प्रति लीटर थी.

First published: 2 April 2018, 15:52 IST
 
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