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RTI : RBI ने किया बैंकों का कर्ज न चुकाने वाली 30 कंपनियों का खुलासा

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 November 2019, 17:43 IST

सुप्रीम कोर्ट द्वारा भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) को पहली बार भारत के विलफुल डिफॉल्टरों की सूची का खुलासा करने का निर्देश देने के चार साल बाद केंद्रीय बैंक ने आखिरकार इन नामों का खुलासा कर दिया है. मई 2019 में न्यूज़ वेबसाइट द वायर की आरटीआई आवेदन के जवाब में आरबीआई ने 30 प्रमुख विलफुल डिफॉल्टरों की सूची जारी की है. इससे पहले आरबीआइ ने यह जानकारी देने से यह कहते हुए इंकार कर दिया था कि यह देश के आर्थिक हितों के खिलाफ होगा.

केंद्रीय बैंक की प्रतिक्रिया के अनुसार भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी से संबंधित तीन कंपनियां उन 30 प्रमुख विलफुल डिफॉल्टरों में शमिल हैं. इन 30 कंपनियों के लिए कुल राइटऑफ़ गई राशि के 50,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि है. ट्रांसयूनियन सिबिल के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2018 तक 11,000 से अधिक कंपनियों ने 1.61 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि पर विलफुल डिफॉल्ट किया.

आरबीआई द्वारा जारी किये गए कुछ नाम

गीतांजलि रत्न लिमिटेड- 5044 करोड़, री एग्रो लिमिटेड- 4197, विनसम डायमंड्स एंड ज्वैलरी लिमिटेड- 3386 करोड़, रूचि सोया इंडस्ट्रीज लिमिटेड- 3225 करोड़, रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड- 2844 करोड़, किंगफिशर एयरलाइंस लिमिटेड -2488 करोड़, कुदोस केमी 2326 करोड़,  जूम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड -2024 करोड़,  डेक्कन क्रॉनिकल होल्डिंग्स लिमिटेड -1951 करोड़,  एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड- 1875 करोड़.

इसके अलावा फॉरएवर प्रेशियस ज्वैलरी एंड डायमंड्स प्राइवेट लिमिटेड -1718 करोड़, सूर्य विनायक इंडस्ट्रीज लिमिटेड -1628 करोड़, एस कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड -1581 करोड़, गिली इंडिया लिमिटेड -1447 करोड़, सिद्धि विनायक लॉजिस्टिक लिमिटेड -1349 करोड़, वीएमसी सिस्टम्स -1314 करोड़, गुप्ता कोल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड -1235 करोड़, नक्षत्र ब्रांड्स लिमिटेड- 1148 करोड़,
इंडियन टेक्नोमैक कंपनी लिमिटेड- 1091 करोड़.

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First published: 21 November 2019, 17:38 IST
 
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