Home » बिज़नेस » Sachin Bansal and binni bansal : Flipkart was standing together, did the differences arise now to sell?
 

Flipkart को साथ मिलकर किया खड़ा, क्या अब बेचने पर पैदा हो गए मतभेद?

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 May 2018, 16:49 IST

अमेरिकी कंपनी वालमार्ट जल्द भारतीय ई -कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट में हिस्सेदारी खरीद सकती है, लेकिन खबरों की माने डील से पहले फ्लिपकार्ट के संस्थापकों में मतभेद दिखाई दे रहे हैं. खबरें यह भी आ रही हैं कि फ्लिपकार्ट के कार्यकारी अध्यक्ष सचिन बंसल कंपनी से बाहर निकल सकते हैं.

सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने 5 सितंबर 2007 को फ्लिपकार्ट शुरू की थी. कंपनी सूत्रों की माने तो सचिन बंसल वालमार्ट में अपनी हिस्सेदारी बेचने को तैयार नहीं हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी खुदरा कंपनी वाल्मार्ट फ्लिपकार्ट में 75 फीसदी बहुमत हिस्सेदारी की मांग कर रही है.

 

हालांकि वॉलमार्ट का कहना है कि वह समूह के सीईओ बिन्नी बंसल और फ्लिपकार्ट के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति की जोड़ी चाहती हैं. सचिन और बिन्नी फ्लिपकार्ट के 10 सदस्यीय बोर्ड का हिस्सा हैं, जबकि कल्याण बोर्ड में नहीं हैं. ख़बरों के अनुसार बिन्नी बंसल फ्लिपकार्ट में अपने शेयरों का दसवां हिस्सा बेचने को तैयार हैं लेकिन सचिन बंसल इसके लिए तैयार नहीं हैं.

फ्लिपकार्ट की स्थापना 2007 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली के पूर्व छात्र सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने की थी. इससे पहले दोनों ने Amazon.com के लिए काम किया था.

 वर्तमान में फ्लिपकार्ट में सॉफ्टबैंक की 20.8 %, टाइगर ग्‍लोबल-20.6 %, नेस्‍पर-12.8 %
टेनसेंट- 5.9 %, ईबे सिंगापुर-6.1 %, एक्‍ससेल पार्टनर्स-6.4 %, बि‍न्‍नी बंसल-5.25 %, सचि‍न बंसल- 5.55 % हिस्सेदारी है.

ये भी पढ़ें : TCS, Infosys सहित देश की चार टॉप IT कंपनियों ने बीते साल दी महज इतनी नौकरियां

First published: 4 May 2018, 16:04 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी