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SBI ने बतायी लाखों बैंक खाते बंद होने की वजह, कहा मिनिमम बैलेंस रखना जरुरी नहीं

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 March 2018, 18:07 IST
(patrika)

सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने स्पष्ट किया है कि अप्रैल 2017 में स्टेट बैंक के सहयोगी बैंकों के साथ विलय के बाद ग्राहकों के इन बैंकों में एक से ज्यादा खाते होने की वजह से चालू  वित्त वर्ष के दौरान अपेक्षाकृत कुछ ज्यादा खाते बंद हुए. बैंक ने यह स्पष्टीकरण उस समाचार के प्रकाशित होने के बाद जारी किया है जिसमें कहा गया कि SBI में करीब 41.16 लाख बचत खाते बंद हुए हैं जिसकी वजह औसत न्यूनतम मासिक शेष की व्यवस्था (मिनिमम अकाउंट बैलेंस) का लागू होना बताया गया था.

एसबीआई ने एक विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी. बैंक ने कहा है कि उसके पास 41 करोड़ बचत खाते हैं और चालू वित्त वर्ष के दौरान 2.10 करोड़ बचत खाते( सेविंग अकाउंट ) खोले गये, जिसमें से 1.10 करोड़ खाते प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) के तहत खोले गये. ये खाते न्यूनतम औसत मासिक शेष की अनिवार्यता से मुक्त हैं.

गौरतलब है कि 'स्टेट बैंक' मुनाफा, शाखाओं, जमा राशि, ग्राहकों और कर्मचारियों की शंख्या  के लिहाज से देश का सबसे बड़ा वाणिज्यिक बैंक है. बैंक द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि  अपरैल 2018 से न्यूनतम जमा शेष नहीं होने पर लगने वाले सेवा शुल्क में 75 प्रतिशत तक कटौती कर दी गयी है जिससे ग्राहकों को और रहत मिलेगी.

विज्ञप्ति में आगे कहा गया कि  जो  ग्राहक खाते में जरूरी मिनिमम  राशि रखने में समर्थ नहीं हैं उनके लिए नियमित बचत खाते को बेसिक बचत बैंक जमा खाते (BSBD ) में परिवर्तित करने का विकल्प दिया गया है. इस खाते में किसी तरह का कोई शुल्क या फीस नहीं लगती है.

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First published: 18 March 2018, 18:04 IST
 
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