Home » बिज़नेस » SC holds Anil Ambani guilty of contempt; orders RCom to pay Ericsson
 

अनिल अंबानी को SC ने ठहराया अवमानना का दोषी, नहीं चुकाए 453 करोड़ तो जायेंगे जेल

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 February 2019, 13:03 IST

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) और उसके चेयरमैन अनिल अंबानी को एरिक्सन को बकाया नहीं चुकाने के लिए अवमानना का दोषी ठहराया है. न्यायमूर्ति आर.एफ. नरीमन ने अंबानी को एक महीने के भीतर स्वीडिश दूरसंचार उपकरण निर्माता को 453 करोड़ का भुगतान करने का निर्देश दिया और कहा कि यदि भुगतान समय पर नहीं किया गया तो तीन महीने की जेल अवधि का पालन किया जाएगा.

एरिक्सन को देय राशि का भुगतान नहीं किये जाने पर आरकॉम द्वारा एक माफी को भी शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया. अदालत द्वारा दी गई समय सीमा पर भुगतान का पालन नहीं करने के लिए रिलायंस की तीन कंपनियों- आरकॉम, रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड और रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड पर एक-एक करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया. अदालत आरकॉम के खिलाफ एरिक्सन की अवमानना याचिका पर फैसला सुना रही थी और इसके अध्यक्ष अनिल अंबानी ने स्वीडिश दूरसंचार उपकरण निर्माता को 550 करोड़ का बकाया भुगतान करने के लिए अदालत के पहले के आदेशों का पालन नहीं किया.

एरिक्सन ने आरकॉम के खिलाफ तीन अवमानना याचिकाएं दायर कीं थी. एरिक्सन ने अदालत से अंबानी को 12% प्रति वर्ष के ब्याज के साथ 550 करोड़ जमा करने का निर्देश देने के लिए कहा था और आग्रह किया था कि तब तक रिलायंस कैपिटल लिमिटेड, रिलायंस इंसेक्टम प्राइवेट लिमिटेड और रिलायंस इनोवेंचर प्राइवेट लिमिटेड सहित फर्मों में उसका निवेश जम जाए. एरिक्सन द्वारा उल्लिखित अदालती आदेशों में 3 मार्च 2018, 23 अक्टूबर 2018 और 7 जनवरी 2019 शामिल हैं.

इससे पहले अंबानी ने एरिक्सन को 550 करोड़ रुपये के जल्द भुगतान की निजी गारंटी दी थी. स्वीडिश कंपनी ने कहा कि अंबानी को देश छोड़ने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए और गुरुवार को अदालत में उल्लेख की गई याचिका में कहा कि जब तक कि बकाया राशि को मंजूरी नहीं दी जाती, तब तक वह नागरिक जेल में अपनी हिरासत की मांग करेंगे.

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First published: 20 February 2019, 11:43 IST
 
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