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एलओसी पार भारत के सैन्य अभियान के बाद सेंसेक्स औंधे मुंह गिरा

अभिषेक पराशर | Updated on: 29 September 2016, 15:12 IST
QUICK PILL
  • पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय सेना के इस ऑपरेशन के बाद युद्ध की आशंका को लेकर भारतीय शेयर बाजार से निवेशकों ने पैसा निकालना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से कुछ ही मिनटों के भीतर शेयर बाजार 600 से अधिक अंक तक टूट गया.
  • भारतीय सेना के ऑपरेशन की जानकारी दिए जाने के साथ ही शेयर बाजार में 600 से अधिक अंकों की गिरावट आई. गुरुवार की सुबह सेंसेक्स करीब 125 अंकों की मजबूती के साथ खुला और कुछ घंटों के भीतर मजबूत होकर 28,475.57 पर पहच गया.  
  • भारत के सैन्य अभियान के बाद पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज में जबरदस्त बिकवाली हुई. कराची स्टॉक एक्सचेंज का केएसई100 हमले की खबर के तत्काल बाद ही 500 से अधिक अंक तक टूट गया.
  • हालांकि बाजार के विश्लेषकों की माने तो भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव का असर बाजार पर लंबे समय तक नहीं टिक पाएगा. भारत के सैन्य ऑपरेशन के बाद अगला 48 घंटा अहम माना जा रहा है.

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय सेना के इस ऑपरेशन के बाद युद्ध की आशंका को लेकर भारतीय शेयर बाजार से निवेशकों ने पैसा निकालना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से कुछ ही मिनटों के भीतर शेयर बाजार 600 से अधिक अंक तक टूट गया.

भारतीय सेना के ऑपरेशन की जानकारी दिए जाने के साथ ही शेयर बाजार में 600 से अधिक अंकों की गिरावट आई. गुरुवार की सुबह सेंसेक्स करीब 125 अंकों की मजबूती के साथ खुला और कुछ घंटों के भीतर मजबूत होकर 28,475.57 पर पहुंच गया. अाखिरी घंटों में मामूली रिकवरी के बाद सेंसेक्स 1.64 फीसदी की कमजोरी के साथ 465.28 अंक टूटकर 27,827.53 पर बंद हुआ. 

भारत के सैन्य अभियान के बाद पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज में जबरदस्त बिकवाली हुई. कराची स्टॉक एक्सचेंज का केएसई100 हमले की खबर के तत्काल बाद ही 500 से अधिक अंक तक टूट गया.

हालांकि बाजार के विश्लेषकों की माने तो भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव का असर बाजार पर लंबे समय तक नहीं टिक पाएगा. भारत के सैन्य ऑपरेशन के बाद अगला 48 घंटा अहम माना जा रहा है.

भारतीय सेना के ऑपरेशन की जानकारी दिए जाने के साथ ही शेयर बाजार में 600 से अधिक अंकों की गिरावट आई.

जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास उरी में मौजूद सेना मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चुनिंदा आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है. 

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय सेना के इस ऑपरेशन के बाद युद्ध की आशंका को लेकर भारतीय शेयर बाजार से निवेशकों ने पैसा निकालना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से कुछ ही मिनटों के भीतर शेयर बाजार 600 से अधिक अंक तक टूट गया.

भारतीय सेना के ऑपरेशन की जानकारी दिए जाने के साथ ही शेयर बाजार में 600 से अधिक अंकों की गिरावट आई. गुरुवार की सुबह सेंसेक्स करीब 125 अंकों की मजबूती के साथ खुला और कुछ घंटों के भीतर मजबूत होकर 28,475.57 पर पहुंच गया.  

हालांकि दोपहर बाद सेना और विदेश मंत्रालय के संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जैसे ही पीओके में भारतीय सेना के रणनीतिक हमले की जानकारी दी गई, शेयर बाजार में भगदड़ की स्थिति बन गई.

भारत के सैन्य अभियान के बाद पाकिस्तान के कराची स्टॉक एक्सचेंज में जबरदस्त बिकवाली हुई. कराची स्टॉक एक्सचेंज का केएसई100 हमले की खबर के तत्काल बाद ही 500 से अधिक अंक तक टूट गया.

केएसई 100 करीब 1 फीसदी से अधिक की मजबूती के साथ 40,861.27 पर कारोबार कर रह था लेकिन बाद में इसमें 532 अंकों की गिरावट आई. हालांकि पाकिस्तान की सरकार की तरफ से हमले की खबर को खारिज किए जाने के बाद निचले स्तर से रिकवरी हुई. उरी हमले के तत्काल बाद भी युद्ध की आशंका को पाकिस्तान के शेयर बाजार में जबरदस्त 500 अंकों की गिरावट आई थी.

कराची स्टॉक एक्सचेंज का केएसई 100 हमले की खबर के तत्काल बाद ही 500 से अधिक अंक तक टूट गया.

बीएसई मिड कैप इंडेक्स में करीब 300 अंकों की गिरावट आई वहीं बीएसई स्मॉल कैप इंडेक्स करीब 350 अंक तक फिसल गया. कैपिटल गुड्स इंडेक्स में भी निवेशकों ने जबरदस्त बिकवाली की. 

बीएसई कैपिटल गुड्स इंडेक्स में करीब 250 से अधिक अंकों की कमजोरी आई है. हेल्थकेयर इंडेक्स पर भी दबाव दिखा और दिन भर के कारोबार के भीतर इसमें करीब 350 से अधिक अंकों की गिरावट आई है.

नेशनल स्टॉक एक्सजेंच का निफ्टी भी मजबूती के साथ खुला लेकिन दोपहर बाद भारतीय सेना के अभियान की जानकारी सामने आने के साथ ही 8,750 के मजबूत स्तर से तेजी से नीचे फिसलते हुए 8,576 तक टूट गया. निफ्टी 1.76 फीसदी की कमजोरी के साथ 153.90 अंक टूटकर 8,591.25 पर बंद हुआ.

अगले दो सेशंस पर होगी नजर

हालांकि बाजार के विश्लेषकों की माने तो भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव का असर बाजार पर लंबे समय तक नहीं टिक पाएगा. भारत के सैन्य ऑपरेशन के बाद अगला 48 घंटा अहम माना जा रहा है.

बुधवार रात भारतीय सेना के ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने कहा, 'राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत ने पिछली रात सीमा पर चुनिंदा ठिकानों पर हमला किया. इस हमले में आतंकियों और उन्हेंं पनाह देने वालों को बड़ा नुकसान हुआ है. आगे इसी तरह का हमला करने की हमारी योजना नहीं है. भारत ने इस बारे में पाकिस्तान को बता दिया है.'

पाकिस्तान की एयरफोर्स ने भारतीय सेना के किसी भी सैन्य अभियान से इनकार किया है लेकिन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारतीय सेना के हमले की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान की शांति की इच्छा को उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए. 

पाकिस्तानी मीडिया से बातचीत करते हुए शरीफ ने कहा, 'हम अपने देश की रक्षा और सुरक्षा के लि तैयार हैं. हम इस हमले की निंदा करते हैं.' भारत में सेना और विदेश मंत्रालय के पे्रस कॉन्फ्रें स के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाम चार बजे सभी दलों की बैठक बुलाई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीओकेे में हुए हमले की जानकारी राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दी है. इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को भी हमले की जानकारी दी गई है.

भारत के समर्थन में वैश्विक संतुलन

उरी हमले के बाद भारत ने कू टनीतिक स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया था. हमले के तत्काल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि इसके दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. विश्लेषकों ने उनके इस बयान को युद्ध के संकेतों के तौर पर लिया था. भारत और पाकिस्तान के बीच सीमित युद्ध की संभावनाएं बनने लगी थीं. 

हालांकि संयुक्त राष्ट्र में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के भाषण के बाद यह बात  साफ हो गई कि पाकिस्तान के खिलाफ भारत की रणनीति का पहला हिस्सा कूटनीति ही होगा. इसी के तहत भारत ने नवंबर महीने में इस्लामाबाद में होने वाले सार्क सम्मेलन में भाग नहीं लेने का एलान किया था.

भारत के इस फैसले के बाद बांग्लादेश, अफगानिस्तान और भूटान ने भी खुद को सार्क से अलग कर लिया. इसके बाद दबाव में सार्क के अध्यक्ष देश नेपाल को सार्क की बैैठक रद्द करने की घोषणा करनी पड़ी.

वहीं वैश्विक मंच पर जिस तरह से पाकिस्तान को उरी हमले में अलगाव का सामना करना पड़ा, उससे यह आशंका जोर पकड़ने लगी थी कि भारत को पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य अभियान चलाने की परोक्ष मंजूरी मिल चुकी है. उरी हमले के बाद वैश्विक समर्थन भारत के पक्ष में था. 

पाकिस्तान को उसके सामरिक सहयोगी चीन का भी समर्थन नहीं मिला. वहीं भारत में पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का जरबदस्त दबाव था. 

पीओके में सैन्य अभियान के बाद अब बाजार की नजर अगले कुछ दिनों के राजनीतिक घटनाक्रम पर होगी. विश्लेषकों की माने तो भारतीय शेयर बाजार पर उपमहाद्वीप के क्षेत्रीय तनाव का लंबा असर नहीं होगा. 

सेना और विदेश मंत्रालय के सैन्य अभियान की जानकारी दिए जाने के बाद बाजार में आई जबरदस्त 600 अंकों की गिरावट अगले कुछ घंटों में संभलती नजर आई. 

बाजार में निचले स्तर से आई रिकवरी ने इस उम्मीद को बल दिया कि आने वाले दिनों में बाजार की चाल ठीक ठाक रहेगी. बीएसई सेंसेक्स में निचले स्तर से करीब 150 अंकों की रिकवरी आई है. 

First published: 29 September 2016, 15:12 IST
 
अभिषेक पराशर @abhishekiimc

चीफ़ सब-एडिटर, कैच हिंदी. पीटीआई, बिज़नेस स्टैंडर्ड और इकॉनॉमिक टाइम्स में काम कर चुके हैं.

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