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तेजी के बाद फिसला सेंसेक्स, फेडरल रिजर्व के नतीजों पर नजर

अभिषेक पराशर | Updated on: 21 September 2016, 16:49 IST
QUICK PILL
  • वैश्विक बाजारों में जारी उतार चढ़ाव से भारतीय बाजार अछूता नहीं है. बुधवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स करीब मामूली बढ़त के साथ खुला. थोड़ी ही देर में सेंसेक्स करीब 166 अंक मजबूत होकर 28,689.38 पर जा पहुंचा. हालांकि आखिरी घंटों में बाजार में हुई मुनाफावसूली की वजह से सेंसेक्स 0.06 फीसदी टूटकर 28,507.42 पर बंद हुआ.
  • बैंक ऑफ जापान की तरफ से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किए जाने के बावजूद  शेयर बाजार की नजरें फेडरल रिजर्व की होने वाली बैठक पर टिकी हैं. 
  • बैंक ऑफ जापान के ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं किए जाने से बाजार को बड़ी राहत मिली है. बैंक ऑफ जापान ने महंगाई के 2 फीसदी स्तर तक नहीं आने की स्थिति में अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन पैकेज जारी रखने का फैसला लिया है. 

वैश्विक बाजारों में जारी उतार चढ़ाव से भारतीय बाजार अछूता नहीं है. बुधवार को बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स करीब मामूली बढ़त के साथ खुला. 

थोड़ी ही देर में सेंसेक्स करीब 166 अंक मजबूत होकर 28,689.38 पर जा पहुंचा. हालांकि आखिरी घंटों में बाजार में हुई मुनाफावसूली की वजह से सेंसेक्स 0.06 फीसदी टूटकर 28,507.42 पर बंद हुआ.

बैंक ऑफ जापान की तरफ से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किए जाने के बावजूद  शेयर बाजार की नजरें फेडरल रिजर्व की होने वाली बैठक पर टिकी हैं. 

बैंकिंग शेयरों में आई कमजोरी की वजह से आखिरी घंटों में सेंसेक्स में करीब 15 अंकों की गिरावट आई. सेंसेक्स में सबसे अधिक नुकसान पावर ग्रिड, आईटीसी, एसबीआई, आईसीआई बैंक, ओएनजीसी और सिप्ला के शेयरों में हुआ. 

वहीं टाटा स्टील, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल, विप्रो और इन्फोसिस के शेयर मजबूती मामूली मजबूती के साथ बंद हुए. आईटी शेयरों और ऑटो शेयरों में खरीदारी देखने को मिली. एसऐंडपी ऑटो इंडेक्स 56 अंकों की मजबूती के साथ बंद हुआ तो वहीं आईटी इंडेक्स करीब  30 अंकों से अधिक की मजबूती के साथ बंद हुआ. 

हफ्ते के चौथे दिन भी बैंकिंग शेयर दबाव में दिखे.  एसऐंडपी बैंकिंग इंडेक्स 42 अंकों की गिरावट के साथ 22,696.70 पर बंद हुआ. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 0.01 फीसदी की मजबूती के साथ 8,777.15 पर बंद हुआ. निफ्टी के 30 शेयर हरे निशान में जबकि 21 शेयर लाल निशान में बंद हुए.

फेडरल रिजर्व के फैसले पर नजर

बैंक ऑफ जापान के ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं किए जाने से बाजार को बड़ी राहत मिली है. बैंक ऑफ जापान ने महंगाई के 2 फीसदी स्तर तक नहीं आने की स्थिति में अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन पैकेज जारी रखने का फैसला लिया है. 

बैंक ऑफ जापान की रणनीति 80,000 करोड़ येन की सरकारी बॉन्ड की खरीदारी की योजना है. जापान के केंद्रीय बैंक की घोषणा के बाद शुरुआती कारोबार में बाजार में उछाल देखने को मिला. हालांकि बाद के घंटों में बाजार में कमजोरी आ गई. 

मंगलवार को भी सेंसेक्स में 100 से अधिक अंकों की  गिरावट आई थी जबकि निफ्टी 8775 के स्तर पर बंद हुआ था.

बाजार को फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका सता रही है. 

बाजार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका सता रही है.

दरअसल सितंबर महीने में होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक के पहले अमेरिकी अर्थव्यवस्था में रोजगार के खराब आंकड़े आए थे. इसके बाद बाजार यह मानकर चल रहा था कि दिसंबर के पहले अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं करेगा. 

हालांकि अमेरिकी केंद्रीय बैंक की तरफ से सितंबर महीने में होने वाली बैठक के दौरान ब्याज दरों को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाए जाने का संकेत दिए जाने के बाद बाजार की नजर इस बैठक पर है.

बाजार के विश्लेषकों की माने तो फेड की बैठक के नतीजे आने तक बाजार में उतार चढ़ाव की स्थिति बनी रह सकती है.

इससे पहले यूरोपीय सेंट्रल बैंक  ने भी अपनी समीक्षा बैठक में ब्याज दरों में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं कर बाजार को राहत दी थी. 

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First published: 21 September 2016, 16:49 IST
 
अभिषेक पराशर @abhishekiimc

चीफ़ सब-एडिटर, कैच हिंदी. पीटीआई, बिज़नेस स्टैंडर्ड और इकॉनॉमिक टाइम्स में काम कर चुके हैं.

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