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ब्रेग्जिट से भारी नुकसान, बाजार से फिलहाल दूर रहने की सलाह

अभिषेक पराशर | Updated on: 24 June 2016, 15:57 IST
QUICK PILL
  • ब्रिटेन के यूरोपीय यूनियन से बाहर होने के बाद दुनिया भर के बाजारों में जबरदस्त गिरावट आई है. भारत समेत दुनिया के अन्य देशों में निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. विशेषज्ञों ने फिलहाल खुदरा निवेशकों को बाजार से दूर रहने की सलाह दी है.
  • शुक्रवार को दिन भर के कारोबार के भीतर सेंसेक्स में करीब 1100 अंकों की गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स फिलहाल 3.46 फीसदी की कमजोरी के साथ 26,064.61 पर कारोबार कर रहा है. 
  • विश्लेषकों का एक धड़ा यह मानकर चल रहा है कि ब्रेग्जिट से भारतीय अर्थव्यवस्था को फायदा होगा. उनका मानना है कि ब्रिटेन के ईयू से अलग होने के बाद भारत के साथ उसके कारोबार में बढ़ोतरी होगी.
  • ब्रिटेन के ईयू से बाहर होने के फैसले के बीच सोने की कीमतों में करीब 6 फीसदी का उछाल आया है. सोना फिलहाल तीन सालों के उच्चतम स्तर पर बना हुआ है.

ब्रिटेन के यूरोपीय यूनियन से बाहर होने के बाद दुनिया भर के बाजारों में जबरदस्त गिरावट आई है. भारत समेत दुनिया के अन्य देशों में निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. विशेषज्ञों ने फिलहाल खुदरा निवेशकों को बाजार से दूर रहने की सलाह दी है.

भारतीय शेयर बाजार के लिए ब्रिटेन के यूरोपीय यूनियन से बाहर निकलने का फैसला बेहद बुरा रहा. भारत में बेहतर मानसून को लेकर अभी भी कई तरह की आशंकाएं हैं और दूसरी तरफ अर्थव्यवस्था को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. इस बीच ब्रिटेन के यूरोपीय यूनियन सेे बाहर होने के फैसले के बाद बाजार में ऐतिहासिक गिरावट आई है.

हालांकि अभी तक ब्रिटेन के यूरोपीय यूनियन से बाहर होने के फैसले की औपचारिक तौर पर घोषणा नहीं  की गई है. लेकिन जनमत संग्रह के नतीजों ने इसके यूरोपीय संघ से बाहर होने के फैसले पर मुहर लगा दी है. ब्रिटेन दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था है और इसके ईयू से बाहर होने का असर आने वाले दिनों में दिखेगा.

ब्रिटेन के यूरोपीय यूनियन (ईयू) से बाहर होने के फैसले पर जिस तरह से भारतीय बाजार ने प्रतिक्रिया दी, उसे देखकर कहा जा सकता है कि बाजार इस फैसले को लेकर बिलकुल भी तैयार नहीं था. बीएसई सेंसेक्स करीब 940 अंकों की गिरावट के साथ 26062.15 पर खुला. 

एक दिन पहले यानी गुरुवार को बाजार की चाल देखकर यह अंदाजा लग रहा था कि वह ब्रिटेन के ईयू से बाहर होने के फैसले से होने वाले संभावित असर को पचा चुका है. लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं हुआ. गुरुवार को सेंसेक्स 236.57 अंकों की तेजी के साथ 27,000 के मनौवैज्ञानिक स्तर पर को पार कर बंद हुआ था. बाजार को शायद ब्रिटेन के ईयू में बने रहने का अनुमान था. 

भारतीय बाजार के साथ एशियाई बाजारों में भी ऐसा ही रुख देखने को मिला था. लेकिन अब ब्रिटेन के बाहर होने के फैसले के बाद बाजार तेजी से लुढ़क रहे हैं.

बीएसई सेंसेक्स करीब 940 अंकों की गिरावट के साथ 26062.15 पर खुला

शुक्रवार को दिन भर के कारोबार के भीतर सेंसेक्स में करीब 1100 अंकों की गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स फिलहाल 3.46 फीसदी की कमजोरी के साथ 26,064.61 पर कारोबार कर रहा है. 

बीएसई में सबसे अधिक पिटाई मेटल शेयरों की हुई है. एसऐंडपी बीएसई मेटल इंडेक्स 5.60 फीसदी तक टूट चुका है. वेदांत और टाटा स्टील के शेयर करीब 10 फीसदी तक टूट चुके हैं. इसके अलावा हिंडाल्को, जिंदल स्टील, सेल समेत अन्य स्टील काउंटर में 4-6 फीसदी तक की गिरावट आई है. 

एक्सपोर्ट आधारित आईटी शेयरों पर भी ब्रेग्जिट (ब्रिटेन का ईयू से बाहर होना) का असर देखने को मिल रहा है. आईटी इंडेक्स में करीब 3 फीसदी की कमजोरी आई है. 

वहीं कैपिटल गुड्स इंडेक्स 4.22 फीसदी की कमजोरी के साथ 623.81 अंक टूटकर 14160.69 पर काम कर रहा है. जबकि ऑटो इंडेक्स 996 अंक टूटकर 18,698.83 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. ब्रेग्जिट का सर्वाधिक असर निर्यात आधारित कंपनियों पर देखने को मिल रहा है.

एनएसई निफ्टी में 3.11 फीसदी की गिरावट आई है. निफ्टी फिलहाल 257.30अंक टूटकर 8013.15 पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी के 50 शेयर लाल निशान में जबकि 1 शेयर हरे निशान पर कारोबार कर रहा है.

फायदा या नुकसान?

विश्लेषकों का एक धड़ा यह मानकर चल रहा है कि ब्रेग्जिट से भारतीय अर्थव्यवस्था को फायदा होगा. उनका मानना है कि ब्रिटेन के ईयू से अलग होने के बाद भारत के साथ उसके कारोबार में बढ़ोतरी होगी. हालांकि सरकार अभी इस बारे में कुछ भी कहने से बच रही है.

वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि फिलहाल ब्रेग्जिट के असर के बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी. उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच कारोबार बढ़ेगा या घटेगा, इसके बारे में कुछ कहने का अभी ठीक समय नहीं है.

वहीं वित्त सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि सरकार इससे निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है. उन्होंने कहा कि हम रुपये में आई गिरावट को रोकने की कोशिश करेंगे. 

ब्रेग्जिट के परिणाम से पहले रुपया डॉलर के मुकाबले 66 पैसे गिरकर 67.91 पर खुला. जबकि एक दिन पहले रुपया डॉलर के मुकाबले 24 फीसदी की मजबूती के साथ बंद हुआ था. 

विशेषज्ञ यह मानकर चल रहे हैं कि आने वाले दिनों में रुपया और अधिक टूट सकता है. इसकी वजह है कि पॉन्ड का कमजोर होना. ब्रिटेन के ईयू से बाहर होने के फैसले के बाद पॉन्ड में जबरदस्त गिरावट आई. पॉन्ड 31 साल के निचले स्तर पर जा पहुंचा है. 

पॉन्ड के कमजोर होने की स्थिति में डॉलर की मांग बढ़ेगी और इसका असर भारतीय करेंसी पर भी पड़ेगा.

बुलियन पर बुलिश निवेशक

ब्रेग्जिट की वजह से शुक्रवार शेयर बाजार के निवेशकों के लिए ब्लैक फ्राइडे साबित हुआ. लेकिन निवेशकों को बुलियन मार्केट से सहारा मिला है. 

ब्रिटेन के ईयू से बाहर होने के फैसले के बीच सोने की कीमतों में करीब 6 फीसदी का उछाल आया है. सोना फिलहाल तीन सालों के उच्चतम स्तर पर बना हुआ है. वैश्विक बाजार में सोने में आई तेजी और रुपये की गिरावट की वजह सोना निवेशकों का पसंद बनकर उभरा है.

आम तौर पर जब शेयर बाजार में अस्थिरता का माहौल होता है, तब निवेश सोना का रुख करते हैं. चांदी में भी करीब 4 फीसदी की तेजी आई है.

दुनिया के बाजार धाराशायी

आर्थिक विश्लेषकों की माने तो आने वाले दिनों में बाजार में गिरावट का दौर जारी हर सकता है. ब्रेग्जिट का असर भारत के साथ अन्य एशियाई बाजारों पर भी हुआ है.

जापान का निक्केई जहां 8 फीसदी की गिरावट के साथ काम कर रहा है वहीं हॉन्ग-कॉन्ग बेंचमार्क इंडेक्स में 2 फीसदी की गिरावट आई है. चीन का बेंचेमार्क इंडेक्स भी करीब 0.5 फीसदी की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा है. 

First published: 24 June 2016, 15:57 IST
 
अभिषेक पराशर @abhishekiimc

चीफ़ सब-एडिटर, कैच हिंदी. पीटीआई, बिज़नेस स्टैंडर्ड और इकॉनॉमिक टाइम्स में काम कर चुके हैं.

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