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वन नेशन-वन प्राइस : पूरे देश में एक ही कीमत पर बेचेगी ये कंपनी अपनी कारें

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 April 2018, 12:53 IST

कार खरीदने से पहले हमेशा ग्राहक इस बात की उलझन में रहते हैं कि आखिर एक ही कार की कीमत अलग-अलग शहरों या शो रूम में अलग-अलग क्यों रहती है. इस उलझन से आपको जल्द ही छुटकारा मिलने वाला है.

पिछले बुधवार जापानी कार निर्माता टोयोटा ने भारत ने अपनी नई सेडान यारीस की कीमतों की घोषणा की है. यारीस की शुरूआती कीमत 875,000 से 1,407,000 रखी गई है. टोयोटा ने देशभर में कार की यही कीमतें रखने का फैसला किया है.

 

भारत में किसी कार निर्माता द्वारा इस तरह की कीमतों का यह पहला उदाहरण है. हालांकि समान रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क की कमी के कारण यरीस की सड़क की कीमतें राज्यों / शहरों में भिन्न हो सकती हैं. टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर एन राजा का कहना है कि यारीस में कई विशेषताओं के साथ यह भी खास बात है कि कंपनी ने इसे पोरे देश में एक बिक्री मूल्य के साथ पेश किया है.

गौरतलब है कि पूरे देश में एक कीमत की दिशा में बढ़ने के लिए ही जीएसटी को लाया गया था. टोयोटा किर्लोस्कर अपने सभी मॉडलों के लिए एक राष्ट्र-एक मूल्य लागू करने के लिए एक रोड मैप तैयार कर रहा है.

यारीस की घोषणा के एक दिन बाद अमेरिकी ऑटो कंपनी फोर्ड ने अपनी नई कार फ्रीस्टाइल की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत  509000 रखी है. इस कार की कीमत कंपनी ने सब जगह एक ही रखने का फैसला किया है. माना जा रहा है की अब और भी कंपनियां टोयोटा किर्लोस्कर और फोर्ड को फॉलो कर सकती है.

मारुति सुजुकी में वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक (मर्केटिंग और बिक्री) आरएस कलसी का कहना है कि कंपनी अपने नए उत्पादों के इस तरह की रणनीति लाएगी. जीएसटी से पहले विभिन्न राज्यों में टैक्स की अलग-अलग था थी लेकिन अब जीएसटी है.

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआरआर) का ही उदाहरण लें तो गुड़गांव और नोएडा जैसे सेटेलाइट शहरों में वाहनों की एक्स शोरूम कीमत लग -अलग है. उदाहरण के लिए मारुति विटारा ब्रेजा की दिल्ली में कीमत 973,108 है, जबकि नोएडा में इसकी कीमत 978,644 है.

जीएसटीse पूर्व कार पर उत्पाद शुल्क, वैट, इंफ्रास्ट्रक्चर सेस. नेशनल कालमिटि जैसे टैक्स लगते थे. राज्यों में वैट एक समान नहीं था. जबकि बाज़ारों में माल ढुलाई की कीमतों में भी अंतर था. अब कंपनियां औसत माल ढुलाई लागत पर पहुंचने के लिए इकाइयों की संख्या पर परिवहन खर्च बढ़ाए रही हैं.

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First published: 30 April 2018, 12:53 IST
 
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