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SpiceJet को हुआ 389 करोड़ का घाटा, इस कारण बढ़ रहा है एयरलाइन कंपनियों का नुकसान

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 November 2018, 16:37 IST

स्पाइसजेट लिमिटेड ने बुधवार को अपनी दूसरी तिमाही में बड़े नुकसान की जानकारी दी है. कंपनी को यह नुकसान ईधन की अधिक कीमतों के कारण हुई है. स्टैंडअलोन नेट लॉस, जिसमें स्पाइसजेट मर्चेंडाइज और स्पाइसजेट टेक्निक इकाइयों के परिणाम शामिल हैं, 30 सितंबर को समाप्त तिमाही में 389 करोड़ रुपये (53.90 मिलियन डॉलर) था.

कंपनी ने एक साल पहले 105 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था. दूसरी तिमाही के विमान विमान ईंधन खर्च 55.8% बढ़कर 845 करोड़ रुपये हो गया, जबकि परिचालन से कुल आय 3.8% बढ़ी है. बढ़ती तेल की कीमतें, उच्च ईंधन टैक्स, कमजोर रुपया, और प्रतिस्पर्धा ने दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते विमानन बाजार में मुनाफा कम कर दिया है. प्रतिद्वंद्वी जेट एयरवेज (भारत) लिमिटेड और इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड और इंडिगो ने सितंबर तिमाही के घाटे की सूचना दी है.

 

गुरुग्राम में स्थित स्पाइसजेट ने कहा कि उसके रिजल्ट सितंबर-दिसंबर में बढ़ने की उम्मीद है. इस दौरान कंपनी को 10 बोइंग 737 मैक्स एयरक्राफ्ट मिलेंगे. बुधवार को बीएसई पर स्पाइसजेट के शेयर 3.50% ऊपर थे.

अगले पांच वर्षों में देश में एयर कार्गो यातायात 60 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है. स्पाइसजेट के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने कहा कि भारत में एयर कार्गो सेवाओं के लिए एक बड़ा अपरिपक्व बाजार है. "हमारी सिद्ध परिचालन क्षमता के साथ, यह बोइंग 737 विमान के साथ 'समर्पित मालवाहक' को हमारी 'पेट कार्गो' सेवा का विस्तार है."

वर्तमान में स्पाइसजेट के मौजूदा बेड़े में लगभग 500 टन प्रति दिन कार्गो क्षमता है. एयरलाइन ने कहा, "समर्पित मालवाहक सेवा के लॉन्च के साथ यह क्षमता मार्च 2019 तक चार मालवाहकों के अतिरिक्त चरणबद्ध तरीके से 900 टन तक बढ़ जाएगी." 36 विमानों के बेड़े के साथ स्पाइसजेट 54 गंतव्यों में औसतन 412 उड़ानें संचालित करता है.

First published: 14 November 2018, 16:33 IST
 
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