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स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं तो नए साल पर ये राज्य सरकार दे रही है मौका

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 January 2018, 11:53 IST

देशभर में फंड की कमी के कारण कई स्टार्टअप्स बंद होने की कगार पर हैं, लेकिन कर्नाटक सरकार ने राज्य में स्टार्टअप्स की मदद के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. कर्नाटक के आईटी मंत्री प्रियंख खड़गे का कहना है कि इस साल से राज्य सरकार कर्नाटक में पंजीकरण कराने वाले देशभर के स्टार्टअप्स के लिए फंड का इंतज़ाम करेगी. उन्होंने कहा, नए उद्यमी फंड के लिए वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम 1961 के तहत कर्नाटक में कंपनियों को पंजीकृत कर सकते हैं.

 

खड़गे ने कहा, "हम इस साल राष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्टार्टअप नीति लाना चाहते हैं. हम देशभर के स्टार्टअप्स को समर्थन देंगे, बशर्ते वे यहां करों का भुगतान करें. कर्नाटक सरकार इसके लिए 300 करोड़ से ज्यादा का बजट रख सकती है.

कर्नाटक सरकार 2020 तक राज्य में 20 हजार स्टार्टअप खड़े करना चाहती है. सरकार का कहना है कि इससे राज्य में लगभग 16 लाख रोजगार पैदा होंगे. गौरतलब है कि साल 2016 में ही देश में स्टार्टअप का हाल यह रहा कि तकरीबन 212 स्टार्टअप का सफर समाप्त हो गया.

बंद होने वाले ज्यादातर स्टार्टअप्स की समस्या फंडिंग रही. डेटा एनालिटिक्स फर्म ट्रैक्सन (Tracxn) का दावा है कि बंद हुए स्टार्टअप की यह संख्या साल 2015 से 50 फीसदी ज्यादा थी. इस लिस्ट में पहला बड़ा नाम किराने की डिलीवरी करने वाले स्टार्टअप पेपर टेप का था. साल 2015 में इस स्टार्टअप ने निवेशकों से सबसे ज्यादा फंडिंग की हासिल की थी.

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार  केंद्र सरकार ने  'स्टार्टअप्स' के लिए 10,000 करोड़ का फंड रखा था. प्रधानमंत्री ने कहा था कि इसके जरिये देश में रोजगार उत्पन्न होगा लेकिन इस घोषणा के एक साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी सरकार फ़रवरी 2017 तक  इसके कुल फंड में से मात्र 5.66 करोड़ ही खर्च कर पायी थी.

 

First published: 8 January 2018, 11:53 IST
 
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