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इस शख्स ने पतलूून से बनाया 'पैंटालून' ब्रांड, छोटी सी दुकान से खड़ा किया 17000 करोड़ का साम्राज्य

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 November 2018, 14:10 IST

पैंटालून को एक ब्रांड बनाने वाले फ्यूचर ग्रुप के चेयरपर्सन किशोर बियानी ने मात्र एक छोटी सी साड़ी की दुकान से अपना व्यापार शुरू किया. आज वह भारत के नामी उद्योगपतियों में जाने जाते हैं. उनकी सफलता की कहानी सपने सरीखी है. किशोर बियानी रिटेल मार्केट के सबसे बड़े बिजनेसमैन के टाइटल के साथ सुर्खियों में हैं.

पैंटालून ब्रांड के साथ फैशन को एक नई परिभाषा देने वाले बियानी की संपत्ति 240 करोड़ डॉलर यानी लगभग 17000 करोड़ है. वह भारत के 100 सबसे अमीर लोगों में से एक हैं. आज हम आपको बताने जा रहे हैं उनके सफलता कि कहानी कि कैसे एक छोटी सी साड़ी की दुकान से शुरू करके आज वह बिजनेस टायकून बने हुए है.

बियानी ने बिजनेस की शुरूआत साड़ी के एक छोटे से व्यापार से की थी. अपने दादा के साथ वह साड़ियों का बिजनेस करने के लिए राजस्थान से मुंबई गए थे. वहां किशोर ने साड़ी के कारोबार से अलग अपनी एक पतलून बनाने की दुकान खोली और ट्राउजर्स बनाना शुरू किया. इसके बाद 1987 में ‘मैंसवियर प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से अपनी कंपनी शुरू की.

 

इतने से काम तो चलता नहीं तो उन्होंने बिजनेस को बढ़ाने के लिए पैसे की जरूरत को देखते हुए शेयर बाजार की ओर रूख किया. वहां से पैसा कमाकर साल 1991 में उन्होंने गोवा में पैंटालून का पहला शोरुम खोला. इसके बाद साल 1992 में पैंटालून को बतौर ब्रांड के रूप में खड़ा किया गया. 

 

बता दें कि पहले के जमाने में ट्राउजर को पतलून कहा जाता था, जिसे मॉर्डन बनाते हुए उन्होंने अपने ब्रांड का नाम पैंटालून रखा था. बाद में किशोर ने अपने ब्रांड को नए आयाम दिया और फ्यूचर ग्रुप खड़ा किया. इसके बाद साल 2001 में बिग बाजार की नींव रखी. फ्यूचर ग्रुप के नाम के साथ फूड बाजार, फैशन एट बिग बाजार, फैक्ट्री, होम टाउन, सैंट्रल, ईजोन जैसे कई ब्रांड जुड़ गए.

ज्यादातर बिजनेसमैन्स की तरह किशोर का दिमाग पढ़ाई में कभी नहीं लगा. उन्हें केवल एक ही विषय में दिलचस्पी थी और वो था बिजनेस. किशोर घंटो तक दुकानदारों के बीच जाकर बैठते और कस्टमर्स को ऑबजर्व करते. किशोर हर दिन कुछ नया सीखते और धीरे-धीरे उन्हें समझ आने लगा कि एक खरीददार का दिमाग कैसे काम करता है.

First published: 30 November 2018, 14:10 IST
 
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