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अपनी ही कंपनी द्वारा बुक किए होटल रूम को साफ करने वाला शख्स ऐसे बना अरबपति

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 July 2018, 12:53 IST

मन में विश्वास और कुछ कर गुजरने का जज्बा इंसान को उसकी मंजिल तक जरूर पहुंचाता है. ऐसी ही कहानी है ओयो रूम्स के फाउंडर और सीईओ रितेश अग्रवाल की. आज ना सिर्फ एक बड़े बिजनेसमैन हैं बल्कि उन युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं जो संघर्ष से भागने की कोशिश करते हैं. साथ ही उन स्टूडेंट्स के लिए भी एक मिसाल हैं जिनका मन पढ़ाई लिखाई में ना लगकर कुछ अलग करने में लगता है.

23 साल के रितेश अग्रवाल अरबों की संपत्ति के मालिक हैं. उनका कई होटल्स के साथ टाईअप है. रितेश ने ये सब कुछ ऐसे ही हासिल नहीं कर लिया बल्कि इसके पीछे उनके कड़े संघर्ष की कहानी है. ये बात एक इंटरव्यू के दौरान खुद रितेश ने स्वीकार की थी. रितेश ने ईटी को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि जब वह गुड़गांव में पहला होटल चला रहे थे तब वह हाउसकीपिंग, सेल्स और सीईओ की ड्यूटी समेत कई काम खुद देखते थे.

रितेश ने इंटरव्यू में बताया था कि, ”मैं हाउसकीपिंग के लिए सचमुच ओयो रूम्स की यूनीफॉर्म पहनता था और ग्राहकों को कमरे दिखाता था. कभी कभार कपल्स मुझे कहते थे- अबे निकल जा रूम से, हमें कुछ करना है. मैं आम तौर पर लोगों से अच्छे से पेश आता था इसलिए मुझे टिप भी मिल जाती थी. एकबार एक परिवार ने मुझे बच्चा संभालने के लिए कहा. और शुक्र है, बच्चा मेरे साथ चुप था. परिवार बेहद खुश था इसलिए मुझे 50 रुपये दिए. मुझे लोगों ने अपने घरों में भी काम करने के ऑफर दिए.”

 

खबरों के मुताबिक ओयो रूम के चीफ रितेश अग्रवाल हर रात नए कमरे में चेक इन करते थे, यह उनके पेशे का हिस्सा था. रितेश ने कहा था कि ऐसा करने से उन्हें ग्राहकों और होटल मालिकों की उस नब्ज का पता चलता है जिससे वह जान पाते थे कि वे क्या चाहते हैं. इस बारे में उन्होंने एक दिलचस्प वजह यह भी बताई, उन्होंने कहा था कि होटल के कमरों में ठहरने की वजह से उन्हें घर को नहीं सहेजना पड़ता था.

रितेश ने ये सफलता केवल अपने मेहनत और ईमानदारी के दम पर हासिल की. उन्होंने किसी काम को छोटा नहींं समझा और दिन रात काम कर दुनिया के सामने एक मिसाल पेश कर दी. रितेश अग्रवाल कुछ साल पहले ही ओडिशा के एक छोटे से कस्बे में सिम कार्ड बेचा करते थे, लेकिन आज उनका सफलता का डंका देेश के साथ विदेशों में भी बजता है. इसीलिए दुनिया के सबसे बड़े निवेशकों में से एक सॉफ्टबैंक के मासायोशी सोन उनके साथ पार्टनरशिप करना चाहते हैं.

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First published: 3 July 2018, 12:53 IST
 
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