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BPCL और एयर इंडिया की बिक्री के विरोध में RSS का आर्थिक थिंकटैंक स्वदेशी जागरण मंच

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 December 2019, 13:06 IST

केंद्र की मोदी सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (PSE) को बेचने की तैयारी कर रही है. एक रिपोर्ट के अनुसार संघ से जुड़े संघठन स्वदेशी जागरण मंच (SJM) ने इसे राष्ट्रहित के खिलाफ बताया है. पांच साल पहले नरेंद्र मोदी सरकार को संघ परिवार के विरोध के बाद भूमि अधिग्रहण बिल को रद्द करना पड़ा था. मोदी सरकार ने अपने विनिवेश लक्ष्य को पूरा करने के लिए मुनाफा कमाने वाली भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) सहित PSE में रणनीतिक बिक्री का प्रस्ताव दिया है, जो GST राजस्व की कमी को दूर करने और बढ़ते राजकोषीय घाटे को सुधारने में मदद करेगा.

स्वदेशी जागरण मंच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध एक आर्थिक थिंक टैंक है. एक रिपोर्ट के अनुसार हरिद्वार में अपनी राष्ट्रीय सभा में पारित एक प्रस्ताव में एसजेएम ने कहा कि मोदी सरकार का प्रस्तावित रणनीतिक विनिवेश का निर्णय राष्ट्रीय हित के खिलाफ है. स्वदेशी जागरण मंच ने पूछा है कि कहना है कि “एचपीसीएल के पिछले विनिवेश पर एक श्वेत पत्र की आवश्यकता है, जहां ओएनजीसी ने इक्विटी का अधिग्रहण किया है. इसने एचपीसीएल के संचालन को कैसे लाभान्वित किया है.

BPCL में रणनीतिक बिक्री पर स्वदेशी जागरण मंच ने कहा कि "अफवाहें हैं कि सऊदी अरामको इन परिसंपत्तियों पर नजर गड़ाए हुए है. यह न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि खतरनाक भी है. राष्ट्रीय भावनाओं और कड़ी मेहनत के साथ बनाई गई संपत्ति विदेशी तेल कंपनियों की गोद में नहीं जानी चाहिए. स्वदेशी जागरण मंच ही नहीं बल्कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी दलों ने पीएसई के निजीकरण और विनिवेश का विरोध किया है.

रविवार को दलित हितों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों ने दिल्ली के रामलीला मैदान में PSE में हिस्सेदारी की बिक्री के विरोध में प्रदर्शन किया. RSS से संबद्ध भारतीय मजदूर संघ (BMS) को छोड़कर सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 8 जनवरी को ऑल इंडिया स्ट्राइक की घोषणा की है.

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First published: 2 December 2019, 12:40 IST
 
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