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टीसीएस की चेतावनी के बाद आईटी सेक्टर के ग्रोथ रेट पर उठा सवाल

अभिषेक पराशर | Updated on: 11 February 2017, 5:47 IST
QUICK PILL
  • भारत की दूसरी बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने अमेरिकी कारोबार को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि वहां बीएफएसआई (बैंकिंग एंडफाइनेंशियल सर्विसेज) कारोबार पर होने वाले खर्च में कटौती की जा रही है. 
  • कंपनी की इस चेतावनी के बाद आईटी कंपनियों के नियर टर्म में ग्रोेथ रेट को लेकर चिंता गहरा गई है. मौजूदा वित्त वर्ष में अभी तक आईटी कंपनियों का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा है.
  • बीएफएसआई कारोबार पर होने वाले खर्च में मंदी की आशंका जताने के बाद आईटी काउंटर जबरदस्त दबाव में आ गया. कंपनी ने कहा कि आने वाले समय में बीएफएसआई सेगमेंट की ग्रोथ रेट धीमी रहेगी.

भारत की दूसरी बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने अमेरिकी कारोबार को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि वहां बीएफएसआई (बैंकिंग एंडफाइनेंशियल सर्विसेज) कारोबार पर होने वाले खर्च में कटौती की जा रही है. 

कंपनी की इस चेतावनी के बाद आईटी कंपनियों के नियर टर्म में ग्रोथ रेट को लेकर चिंता गहरा गई है. मौजूदा वित्त वर्ष में अभी तक आईटी कंपनियों का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा है.

बीएफएसआई कारोबार पर होने वाले खर्च में मंदी की आशंका जताने के बाद आईटी काउंटर जबरदस्त दबाव में आ गया. कंपनी ने कहा कि आने वाले समय में बीएफएसआई सेगमेंट की ग्रोथ रेट धीमी रहेगी.

कंपनी ने कहा कि बैंकिंग और फाइनेंशियल सेगमेंट के क्लाइंट अपने खर्च को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं और कई मामलों में वह खर्च नहीं कर रहे हैं. भारतीय आईटी कंपनियों के लिए अमेरिका यूरोप के बाद सबसे बड़ा साफ्टवेयर बाजार है. भारतीय कंपनियों का सॉफ्टवेयर आउटसोर्सिंग का बाजार करीब 150 अरब डॉलर से अधिक है.

टीसीएस दुनिया की 10 बड़ी आईटी कंपनियों में से एक है. कंपनी के कुल राजस्व में बीएफएसईआई सेगमेंट की हिस्सेदारी करीब 40 फीसदी है. 

वित्त वर्ष 2016 में कंपनी के कुल राजस्व में उत्तरी अमेरिका की हिस्सेदारी 53 फीसदी रही थी जबकि ब्रिटेन से कुल राजस्व में 15.8 फीसदी की हिस्स्सेदारी मिली. वहीं पूरे यूरोप से कंपनी को 11 फीसदी राजस्व मिला.

टीसीएस की चेतावनी के बाद आईटी काउंटर में बिकवाली का दौर शुरू हो गया है. बीएसई सेंसेक्स में टीसीएस का शेयर करीब 6 फीसदी की गिरावट के साथ 140 रुपये टूटकर 2306 पर कारोबार कर रहा है. टीसीएस का शेयर पिछले छह महीने के निचले स्तर को छू चुका है. 

भारतीय आईटी कंपनियों के लिए अमेरिका यूरोप के बाद सबसे बड़ा साफ्टवेयर बाजार है.

टीसीएस की चेतावनी का असर पूरे आईटी काउंटर पर दिख रहा है.  देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस का शेयर भी करीब 2 फीसदी तक टूट चुका है. वहीं तीसरी बड़ी आईटी कंपनी विप्रो भी करीब 2 फीसदी की कमजोरी के साथ 471 रुपये पर ट्रेड कर रहा है.

एचसीएल टेक्नोलॉज 2 फीसदी तक कमजोर हुआ है वहीं टेक महिंद्रा के शोयरों में 2 फीसदी से अधिक की गिरावट नजर आ रही है. 

इंफोसिस, टीसीएस, विप्रो और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज स्टॉक में आई गिरावट की वजह से बीएसई आईटी इंडेक्स करीब 3 फीसदी तक टूट चुका है. वहीं निफ्टी के आईटी इंडेक्स में एक शेयर को छोड़कर बाकी के 9 काउंटर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं.

बुरा रहेगा साल 2016

साल 2016 में आईटी स्टॉक की हालत बेहद खराब रही है. इससे पहले अपने नतीजे पेश करते हुए देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस ने भी वित्त वर्ष 2017 के लिए अपने आय अनुमान में कटौती कर दी थी. 

कंपनी ने अपना आय अनुमान 10.5-12 फीसदी रखा है जो बाजार की उम्मीदों से कम रहा. अब देश की दूसरी बड़ी कंपनी टीसीएस की तरफ से आय को लेकर चिंता जाहिर किए जाने के बाद आने वाले दिनों में आईटी सेक्टर के ग्रोथ रेट को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.

पिछले कुछ महीनों से खर्च में कमी के संकेत दिख रहे थे, जो अब टीसीएस की चेतावनी के बाद साफ हो गई है. बीएफएसआई सेगमेंट में सुस्ती दिखाई दे रही है और इसका असर टेक्नोलॉजी पर होने वाले खर्च पर होगा.

ब्रिटेन के यूरोप से बाहर निकलने के बाद आईटी सेक्टर के ग्रोथ लेकर चिंता बढ़ी थी लेकिन टीसीएस की टिप्पणी में इस बात का साफ जिक्र किया गया है कि अमेरिकी क्लाइंट अपने खर्च में कटौती कर रहे हैं. 

ब्रेग्जिट से आईटी कंपनियों के राजस्व पर फिलहाल कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है. हालांकि इस बारे में अभी कुछ कहना जल्ब्दबाजी होगी.

First published: 8 September 2016, 2:30 IST
 
अभिषेक पराशर @abhishekiimc

चीफ़ सब-एडिटर, कैच हिंदी. पीटीआई, बिज़नेस स्टैंडर्ड और इकॉनॉमिक टाइम्स में काम कर चुके हैं.

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