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सुप्रीम कोर्ट से टेलीकॉम कंपनियों को AGR चुकाने के लिए 10 साल का समय मिला

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 September 2020, 15:18 IST

सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए समायोजित सकल राजस्व (AGR) बकाया के 10 फीसदी का भुगतान करने के लिए कहा है और शेष राशि के लिए 10 साल का भुगतान समय निर्धारित किया है. इस फैसले के बाद भारती एयरटेल के शेयर लगभग 7 फीसदी चढ़ गए. सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के लिए एक राहत के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि कंपनी के लिए यह अस्तित्व संकट का विषय रहा है. कंपनी पर AGR बकाया 58,000 करोड़ है.

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की शीर्ष अदालत की बेंच ने टेलीकॉम कंपनियों को 1 अप्रैल 2021 से 10- वर्ष के भुगतान कार्यक्रम का समय दिया है. कंपनियों को हर साल 7 फरवरी को भुगतान की किश्त जमा करनी होगी. दिवालिया ऑपरेटरों से AGR बकाया की वसूली के लिए शीर्ष अदालत ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) को यह तय करने के लिए कहा है कि क्या इन कंपनियों द्वारा रखे गए स्पेक्ट्रम को इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत बेचा जा सकता है.


दूरसंचार विभाग (DoT) ने मार्च में शीर्ष अदालत से अपील की थी कि वह AGR बकाया का भुगतान करने के लिए 20 साल का समय दें, लेकिन अदालत ने 10 साल का समय तय किया. सरकार ने कहा कि इस शुल्क में स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क, लाइसेंस शुल्क, ब्याज, पेनल्टी और ब्याज शामिल हो. वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल ने एजीआर बकाया के भुगतान के लिए 15 साल मांगे थे, जबकि टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड ने 7-10 साल का अनुरोध किया था. 

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का असर टेलीकॉम कंपनियों के शेयरों पर मिलाजुला रहा. जहां एकतरफ भारती एयरटेल और आरकॉम के शेयरों में तेजी आई है दूसरी तरफ वोडाफोन आइडिया के शेयर 15 फीसदी गिर गए. AGR की बकाया रकम पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना पहला फैसला 24 अक्टूबर 2019 को अपना पहला फैसला सुनाया था. वोडाफोन आइडिया ने कहा था कि अगर उसे बेलआउट नहीं किया गया तो उसे भारत में अपना कामकाज बंद करना होगा.

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First published: 1 September 2020, 15:00 IST
 
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