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दूरसंचार कंपनियां ने AGR बकाया नहीं चुकाया तो रद्द हो सकता है स्पेक्ट्रम आवंटन और लाइसेंस - SC

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 August 2020, 8:56 IST

कई दौर की सुनवाई और एक साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने समायोजित सकल राजस्व (AGR) मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. सोमवार को सुनवाई के अंतिम दिन अदालत ने कहा कि यदि दूरसंचार कंपनियां अपना बकाया भुगतान करने के लिए तैयार नहीं हैं, तो वह केंद्र सरकार को स्पेक्ट्रम आवंटन और लाइसेंस को रद्द करने का निर्देश देगा. विश्लेषकों का कहना है कि AGR बकाया भुगतान करने के समय पर अदालत के फैसले से वोडाफोन आइडिया का भविष्य तय होने की उम्मीद है.

भारती एयरटेल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि अगर वीडियोकॉन के पिछले बकाए की देयता एयरटेल पर डाली जानी थी, तो डीओटी को बहुत पहले स्पष्ट करना चाहिए था. DoT ने कोर्ट को बताया कि अभी तक Reliance Jio और Bharti Airtel के खिलाफ RCom और Videocon के पिछले बकाए की कोई मांग नहीं की गई थी. इससे पहले महीने SC ने RCOM और Reliance Jio के बीच स्पेक्ट्रम बंटवारे के समझौते का ब्योरा मांगा था और पूछा था कि दिवालिया कंपनी के स्पेक्ट्रम का उपयोग करने वाली कंपनी को सरकार को AGR बकाया का भुगतान करने के लिए क्यों नहीं कहा जा सकता है.


जस्टिस अरूण मिश्रा, जस्टिस एस अब्दुल नजीर और जस्टिस एम आर शाह ने इस मामले को लेकर अपना फैसला सुरक्षित रखा. जियो और एयरटेल पर अगर कोई बकाया बनता है, तो पीठ उस पर भी फैसला सुनाएगी. जियो और एयरटेल ने क्रमश: आर कॉम, एयरसेल और वीडयोकॉन के साथ स्पेक्ट्रम साझेदारी समझौता किये थे. सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि अगर टेलिकॉम कंपनियां एजीआर बकाये का भुगतान करने को तैयार नहीं हैं, वह आबंटित स्पेक्ट्रम रद्द करने का आदेश दे सकती है.

केंद्र ने अदालत को बताया था कि इनसॉल्वेंसी कार्यवाही के दौरान स्पेक्ट्रम की बिक्री के मुद्दे पर इसके दो मंत्रालयों - DoT और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के बीच मतभेद था. अक्टूबर 2019 में SC ने AGR की DoT परिभाषा को बरकरार रखा था और टेलीकॉम को लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क में 1.6 ट्रिलियन रुपये के लंबित बकाये का भुगतान करने का आदेश दिया था. शीर्ष अदालत ने वोडाफोन आइडिया, भारती एयरटेल और टाटा टेलीसर्विसेज की उस मांग को भी ख़ारिज कर दिया था, जिसमें फैसले की समीक्षा की मांग की गई थी.

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First published: 25 August 2020, 8:56 IST
 
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