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कॉल ड्रॉप पर मोबाइल ऑपरेटरों को देना ही होगा हर्जाना: दिल्ली हाईकोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 February 2016, 16:01 IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि कॉल ड्रॉप्स पर मोबाइल ऑपरेटरों को हर्जाना देना ही होगा.

कोर्ट ने मोबाइल सेवा प्रदाताओं की ओर से दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के उस आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया था, जिसमें कंपनियों को कॉल ड्रॉप पर हर्जाना देने का आदेश दिया गया था.

दिल्ली हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस जी. रोहिणी और जस्टिस जयंत नाथ की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि दूरसंचार ऑपरेटरों को पहले तीन कॉल ड्रॉप्स पर उपभोक्ताओं को हर्जाना देना होगा.

ट्राई ने 16 अक्टूबर, 2015 को अपनी हर्जाना नीति की घोषणा की थी, जिसके अनुसार एक दिन में तीन कॉल ड्रॉप्स होने पर मोबाइल उपभोक्ताओं के बैलेंस में एक रुपये जुड़ जाएगा.  यह नीति पहली जनवरी, 2016 से प्रभावी है.

वर्ष 2015 की पहली तिमाही में करीब 25,787 करोड़ ऑउटगोइंग फोन कॉल्स हुए, जिनमें से कॉल ड्रॉप्स की करीब 200 करोड़ शिकायतें मिलीं.

ट्राई के मुताबिक, यह कुल फोन कॉल्स का 0.77 प्रतिशत था. इस दौरान सेवा प्रदाताओं ने 36,781 करोड़ रुपए की कमाई की. (आईएएनएस)

First published: 29 February 2016, 16:01 IST
 
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