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आर्थिक सर्वे में बड़ा खुलासा, बेटे के चाह में पैदा हुईं दो करोड़ अनचाही लड़कियां

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 January 2018, 12:55 IST

बजट से पहले आर्थिक सर्वे में सरकार ने बताया कि भारत में लगभग 2.1 करोड़ 'अनचाही' लड़कियां हैं. सर्वे में कहा गया है कि ये वो लड़कियां है जो जो बेटे की चाह के बावजूद पैदा हुई हैं. साथ ही यह भी कहा गया है कि भारत में महिलाओं के  सशक्तिकरण की सख्त आवश्यकता है.

आर्थिक सर्वे में इस बात पर जोर दिया गया है कि भारतीय महिलाओं के बीच गर्भ निरोधक का इस्तेमाल निराशाजनक है. इससे बच्चे पैदा करने पर महिलाओं का नियंत्रण नहीं होता है, जिससे उनके शुरुआती जीवन पर दूरगामी असर पड़ता है.  

सर्वे के अनुसार शिक्षा और रोजगार में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाना महत्वपूर्ण है. इसके अनुसार देश की वर्कफोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी 2005-06 में 24 पर्सेंट थी, जो 2015-16 में घटकर 24 पर्सेंट रह गई है.

सर्वे में कहा गया है कि निजी क्षेत्र में कार्य करने वाली महिलाओं को मातृत्व के लिए 26 सप्ताह का अवकाश देना महिलाओं के लिए आवश्यक कदम हैं. सर्वे में ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े बदलाव के लिए महिलाओं की भागीदारी के साथ एक एग्रीकल्चरल पॉलिसी लाने का भी सुझाव दिया गया है.

सर्वे में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि महिला किसानों को कर्ज, टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है. सरकार ने सभी मौजूदा योजनाओं और कार्यक्रमों के साथ ही विकास से जुड़ी गतिविधियों में महिलाओं के लिए 30 पर्सेंट बजट आवंटन रखा है.

देश में करीब 47% महिलाएं किसी भी तरह के गर्भनिरोधक का इस्तेमाल नहीं करती हैं. जो महिलाएं इसका इस्तेमाल करती भी हैं उनमें से भी एक तिहाई से कम महिलाएं नियंत्रित प्रतिवर्ती गर्भनिरोधक का उपयोग करती हैं. सर्वेक्षण में भारतीय समाज के ‘पुत्र-मोह’ पर भी विशेष ध्यान दिलाया गया है.

First published: 30 January 2018, 12:55 IST
 
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