Home » बिज़नेस » The decision taken by Gold imports as Finance Minister is going to put Chidambaram in big trouble.
 

चिदंबरम पर हमले के लिए मोदी सरकार के पास एक और हथियार तैयार है

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 March 2018, 14:19 IST

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की मुश्किलें आने वाले समय में बढ़ सकती हैं. संसद की पब्लिक अकॉउंट कमेटी ने लोक लेखा समिति (पीएसी) की एक उप-समिति ने 2013 में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के सोने के आयात पर प्रतिबंध लगाने और इसके 19  दिन बाद गोल्ड इम्पोर्ट की लिए 20:80 योजना लागू करने के फैसले की सीबीआई जांच की सिफारिश की है.

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार उप-समिति यह भी चाहती है कि सीबीआई 21 मई 2014 को तत्कालीन आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन के कार्यकाल के दौरान जारी उस सर्कुलर की जांच करे, जिसमें स्टार ट्रेडिंग हाउस (STH) और प्रीमियर ट्रेडिंग हाउस (PTH) को गोल्ड इम्पोर्ट की इजाजत देने के लिए 20:80 स्कीम में संशोधन करने के वित्त मंत्रालय के फैसले को नोटिफाई किया गया था. गौरतलब है कि पंजाब नैशनल बैंक घोटाले में शामिल गीतांजलि जेम्स भी एक प्रीमियर ट्रेडिंग हाउस है.

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पीएसी की यह सिफारिश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हालही में पीएससी के निर्देश पर ही बोफोर्स घोटाले की जांच को दोबारा खोलने की बात हुई थी. PAC की इस सब-कमिटी की अगुवाई बीजेपी के लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे कर रहे हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव के नतीजों से 3 दिन पहले 13 मई, 2014 को चिदंबरम ने 20:80 स्कीम के तहत गोल्ड के इम्पोर्ट की STH और PTH इजाजत दी थी.

15 मई 2014 को यूपीए सरकार के कार्यकाल के आखिरी दिन डिपार्टमेंट ऑफ इकनॉमिक अफेयर्स ने RBI को पत्र लिखकर 20:80 स्कीम में बदलाव कर STH और PTH को गोल्ड इम्पोर्ट करने की अनुमति देने को कहा था. 21 मई 2014 को यूपीए सरकार के हटने के बाद RBI ने 20:80 स्कीम में संशोधन कर गोल्ड इम्पोर्ट की अनुमति दी थी.

First published: 7 March 2018, 14:11 IST
 
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