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PM मोदी के रोजगार देने के आंकड़ों में बाल काटने वालों का कितना बड़ा योगदान

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 July 2018, 17:04 IST

भारत को 2016-17 के वित्तीय वर्ष में 17,000 नए चार्टर्ड एकाउंटेंट मिले, उनमें से 5,000 ने अपना खुद का काम शरू किया. अगर हम मानते हैं कि प्रत्येक अकाउंटिंग अभ्यास ने बीस नए लोगों को काम पर रखा है, तो एक लाख नई लेखा अकाउंटिंग नौकरियां पैदा हुईं. इसी तरह भारत हर साल 80,000 नए डॉक्टर, डेंटिस्ट और हेल्थकेयर स्नातक पैदा करता है. अगर हम मानते हैं कि इनमें से 60 प्रतिशत ने अपना खुद का चिकित्सा अभ्यास शुरू किया और प्रत्येक पांच नए लोगों को रोजगार दिया तो चिकित्सा पेशे ने दो लाख चालीस हजार नौकरियां पैदा की.

इसी तरह भारत हर साल 80,000 नए वकील पैदा करता है. यदि उनमें से 60 प्रतिशत ने अपना स्वयं का नया कानूनी अभ्यास शुरू किया और प्रत्येक ने दो या तीन लोगों को काम पर रखा तो कानूनी पेशे ने दो लाख नई नौकरियां दी. ये सभी औपचारिक (फॉर्मल) क्षेत्र में नौकरियों का अनुमान है जो काम करने के लिए अपेक्षाकृत आसान हैं.

इसी तरह अनौपचारिक क्षेत्र के रोजगार का भी अनुमान लगाया जा सकता है. पिछले साल भारत में 7.6 लाख नए वाणिज्यिक वाहन बेचे गए थे. अगर हम मानते हैं कि इनमें से 25 प्रतिशत प्रतिस्थापन वाहन और 75 प्रतिशत नए वाहन थे, और प्रत्येक नया वाहन दो लोगों को रोजगार देता है, तो परिवहन क्षेत्र ने 11.4 लाख नई अनौपचारिक नौकरियां दी.

 

पिछले साल 25.4 लाख यात्री वाहन बेचे गए. अगर मान लें कि 20 प्रतिशत पुराने वाहनों के प्रतिस्थापन और 80 प्रतिशत नए हैं. यदि इन नए वाहनों में से केवल 25 प्रतिशत ने एक ड्राइवर को काम पर रखा तो अकेले ड्राइवरों के लिए पांच लाख नई नौकरियां बनाई हैं.

बाल कटवाने के रोजगार को भी  नौकरियों में गिना जाये 

हर साल भारत में बड़ी संख्या में लोग पैदा होते हैं. प्रत्येक व्यक्ति भले ही डॉक्टर या वकील या एकाउंटेंट नहीं बन सकता क्योंकि उसे कुछ बुनियादी सेवाओं और सामानों की आवश्यकता है. एक ऐसी आवश्यक सेवा बाल कटवाना है. अर्थशास्त्री अक्सर मानते हैं कि किसी भी अर्थव्यवस्था में बाल कटवाना सबसे गैर-व्यापार योग्य सामान या सेवाओं में से हैं. क्योंकि एक बाल कटवाने वाले को निर्यात या आयात नहीं किया जा सकता है और इसे देश में स्थानीय रूप से देश में तैयार किया जा सकता है.

आइए मान लें कि 10 साल से कम उम्र के एक बच्चे को दो महीने में एक बार बाल कटवाने की आवश्यकता होगी. 10 से 30 साल के पुरुषों को महीने बाल कटवाने की आवश्यकता होगी. 30 से 50 साल वालों को दो महीने में एक बार बाल कटवाने की आवश्यकता होगी. इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि भारत को हर साल करीब 1.5 लाख नए नाई की जरूरत होती है. अगर प्रधानमंत्री मानते हैं कि इससे रोजगार मिलता है तो बाल कटवाने के उद्योग में अकेले हर साल लगभग पांच लाख नई अनौपचारिक नौकरियां उत्पन्न होती है.

First published: 27 July 2018, 17:00 IST
 
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