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इन बैंकों के ATM, चैक बुक का इस्तेमाल हो सकता है महंगा, जानिए वजह

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 April 2018, 14:53 IST

अगर आप एटीएम कार्ड और चैक से लेनदेन करते हैं तो आपके लिए परेशान करने वाली खबर है. क्यों कि देश के बैंक जल्द ही एटीएम कार्ड और चैक से लेन देने पर शुल्क लगा सकते हैं. क्योंकि टैक्स विभाग ने देश के दिग्गज बैंकों को नोटिस भेजकर टैक्स भुगतान करने के लिए कहा है. इसे बाद ये बैंक अपने ग्राहकों से मिनिमम एटीएम ट्रांसजेक्शन के नाम पर शुल्क वसूल सके हैं.

इन बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी, आइसीआइसीआइ बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल हैं. बता दें कि टैक्स विभाग ने ग्राहकों की ओर से मिनिमम अकाउंट बैलेंस रखने पर दी जाने वाली फ्री सर्विसेज के एवज में टैक्स की मांग की है.

इसके बाद डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और अन्‍य सेवाओं के लिए बैंक की ओर से ली जाने वाली राशि भी टैक्‍स के दायरे में आ सकती है. बता दें कि अपने खाते में मिनिमम बैलेंस रखने वाले ग्राहकों को बैंक एक लिमिट तक फ्री एटीएम ट्रांजेक्शन, चेकबुक और डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं फ्री देता है. ऐसे में अगर बैंक सरकार को फ्री सर्विसेज के लिए टैक्‍स देगा तो वह अपने ग्राहकों से डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और अन्‍य सेवाओं के लिए शुल्‍क लेना शुरू करेगा.

सूत्रों के मुताबिक सरकार ने जीएसटी के तहत बैंकों को नोटिस जारी किया है. अगर यह लागू हो जाता है तो ग्राहकों के खाते में कितने भी पैसे क्यों ना हों, एटीएम, चेकबुक या फिर डेबिट कार्ड इस्तेमाल करने पर अलग से शुल्‍क देना पड़ सकता है. या फिर इसके एवज में ग्राहकों को अभी के मुकाबले ज्यादा मिनिमम बैलेंस रखना पड़ सकता है.

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डायरेक्टरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विस टैक्स इंटेलीजेंस यानि डीजीजीएसटी ने सभी बड़े बैंकों को टैक्स वसूली का नोटिस जारी कर दिया है. नोटिस के तहत पिछले समय से टैक्स की देनदारी बताई गयी है. यानी जीएसटी लागू होने से पहले जब सर्विस टैक्स लगता था उस वक्त के हिसाब से सर्विस टैक्स भी देना होगा. ये रकम हजारों करोड़ में पहुंच सकती है.

इस मामले पर टैक्स विभाग की नजर तब पड़ी जब बैंकों ने मिनिमम बैलेंस नहीं रखने वालों से शुल्‍क वसूलना शुरू कर दिया. कुछ बैंकों ने पेनल्टी लगाना शुरू कर दिया. ऐसे में इस शुल्‍क पर सरकार को टैक्‍स देना पड़ेगा. जिसकी मार बैंक ग्राहकों पर पड़ेगी. ऐसे में बैंक ग्राहकों से कई फ्री सेवाओं के लिए शुल्क की मांग कर सकते हैं.

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First published: 29 April 2018, 14:39 IST
 
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