Home » बिज़नेस » This 82-year-old company will make ₹330 million from the upcoming elections by supplying ballot ink
 

लोकसभा चुनाव 2019: सिर्फ स्याही से कमाएगी ये कंपनी 33 करोड़ का राजस्व

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 March 2019, 11:36 IST

मैसूर में कर्नाटक सरकार की एक कंपनी 2019 में भारतीय आम चुनाव से सिर्फ राजस्व में 330 मिलियन (33 करोड़ )का राजस्व हासिल करने जा रही है. मैसूर पेंट्स एंड वार्निश लिमिटेड 1962 से चुनाव आयोग को अमिट स्याही या बैलट स्याही की आपूर्ति कर रहा है और इस साल उन्हें 26 लाख फॉलोअर्स का ऑर्डर मिला है. एक रिपोर्ट के अनुसार एमपीवीएल के प्रबंध निदेशक डॉ. चंद्रशेखर दोदामदानी ने कहा है कि यह आर्डर 2014 के पिछले आम चुनावों की तुलना में 4.5 लाख अधिक है.

 

कंपनी की स्थापना 1937 में नलवाड़ी कृष्णराज वोडेयार ने की थी, जो उस समय स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए मैसूर के महाराजा थे. तब से कंपनी युद्ध के टैंकों के लिए पेंट की आपूर्ति करने के लिए सील वैक्स बनाने से लेकर भारत के रक्षा विभाग के लिए आपूर्ति कर रही है. हालांकि कंपनी को न केवल भारत सरकार बल्कि दुनिया भर की सरकारों से एक बाजार मिला है.

डॉ डोड्डामानी ने कहा "हम पिछले दो दशकों से दुनिया भर के 30 से अधिक देशों में अमिट स्याही का निर्यात करते हैं." देश की निर्यात बिक्री भी पिछले तीन वर्षों में बढ़ रही है. FY16-17 में, उनकी निर्यात बिक्री, 8.5 मिलियन थी, वित्त वर्ष 17 -18 में यह बढ़कर 64 मिलियन हो गई और FY18-19 में निर्यात बिक्री बढ़कर 156.8 मिलियन हो गई.

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First published: 15 March 2019, 18:07 IST
 
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