Home » बिज़नेस » This Idea made Dhirubhai Ambani the uncaring King of the World of Business, reliance start up with 500 rupees
 

धीरूभाई अंबानी ने 500 रुपये से शुरु किया कारोबार और ठान ली 'कर लो दुनिया मुट्ठी में'

दीपक कुमार | Updated on: 6 July 2018, 18:19 IST

रिलायंस इंडस्ट्रीज आज देश की सफलतम कंपनीयों में शुमार है और अपने व्यापार का डंका पूरी दुनिया में बजा चुकी है. आज मुकेश अंबानी बिजनेस की दुनिया के बेताज बादशाह हैं, लेकिन रिलायंस की नींव धीरूभाई अंबानी ने सिर्फ 500 रुपये से रखी थी और अपने मेहनत और लगन से कंपनी को इस मुकाम तक पहुंचाया है.

धीरूभाई अंबानी का जन्म 28 दिसंबर 1933 को सौराष्ट्र के जूनागढ़ जिले में हुआ था. साल 2002 में 6 जुलाई को आज ही के दिन स्ट्रॉक के चलते उनका देहांत हो गया था. साधारण परिवार में जन्में धीरूभाई के घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, उनके पिता स्कूल में शिक्षक थे और गरीबी से जूझते हुए किसी तरह परिवार का गुजरा करते थे.

300 रुपये की नौकरी से शुरुआत

धीरूभाई अंबानी ने 300 रुपये प्रतिमाह की सैलरी पर नौकरी की शुरुआत की थी. धीरूभाई 17 साल की आयु में वर्ष 1949 में अपने भाई रमणिकलाल के पास यमन चले गए. वहां उन्हें एक पेट्रोल पंप पर 300 रुपये मासिक सैलरी की नौकरी मिल गई. यहां 'ए. बेस्सी एंड कंपनी' नाम के इस ऑयल कंपनी ने धीरूभाई के मेहनत और काम को देखकर हुए उन्हें पेट्रोल पंप स्टेशन का मैनेजर बना दिया.

ये भी पढ़ें -Reliance AGM: 14 राज्यों की GDP से ज्यादा टैक्स चुकाती है अंबानी की रिलायंस

कुछ साल यमन में नौकरी करने के बाद धीरूभाई वर्ष 1954 में वापिस अपने देश लौट आए. यमन में नौकरी करते हुए उन्होंने बिज़नेस कर बड़ा आदमी बनने का सपना देखा था. घर लौटने के बाद अपना सपना पूरा करने के लिए 500 रुपये लेकर व्यापर नगरी मुंबई आ गए.

धीरूभाई के एक आइडिया ने बदल दी दुनिया

धीरूभाई अंबानी व्यापर और बाजार के बारे में बखूबी जानने लगे थे. जब उन्होंने बिज़नेस करने की सोची तो उनके दिमाग में एक बिजनेस आइडिया आया कि भारत में पोलिस्टर की मांग सबसे ज्यादा है और विदेशों में भारतीय मसालों की भारी डिमांड है. इसी बिज़नेस पॉलिसी के साथ उन्होंने अपना व्यापर स्टार्ट किया. उन्होंने सबसे पहले एक कंपनी रिलायंस कॉमर्स कॉरपोरेशन की शुरुआत की. इस कंपनी के माध्यम से उन्होंने भारत के मसाले विदेशों में और दूसरे देशों  का पोलिस्टर भारत में बेचना शुरू किया.

ऐसे की बिजनेस की शुरुआत

धीरूभाई ने 500 रूपये, 350 वर्ग फुट का ऑफिस, 1 टेबल, 3 कुर्सी, 2 असिस्टेंट और एक टेलिफोन के साथ बिज़नेस की शुरुआत की थी. साल 2000 में अंबानी देश के सबसे धनी व्‍यक्ति बन गए. जब धीरूभाई की मौत हुई तब तक रिलायंस 62 हजार करोड़ की कंपनी बन चुकी थी. 6 जुलाई, 2002 को उनका निधन हो गया.   बिजनेस की दुनिया के बेताज बादशाह मुकेश अंबानी आज धीरूभाई के क़दमों पर चलकर ही सफल हुए हैं और अनिल अंबानी भी सफल बिजनेसमैन की कतार में शामिल हैं.

First published: 6 July 2018, 18:15 IST
 
अगली कहानी