Home » बिज़नेस » Those 9,339 defaulters who did not pay the intentional payment of Rs. 111,738 crores of public sector banks
 

वो साढ़े 9 हजार डिफॉल्टर जिन्होंने जानबूझकर नहीं चुकाए सरकारी बैंकों के 111738 करोड़ रुपए

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 February 2018, 16:21 IST

भारतीय बैंकों के पास 9,339 ऐसे उधारकर्ताओं की एक सूची है जिन्होंने बैंकों का 1,11738 करोड़ रुपए का लोन जानबूझकर नहीं चुकाया.कहा गया है कि इन लोगों के पास भुगतान करने की क्षमता है लेकिंन उन्होंने ऋण चुकाने से इंकार कर दिया है. क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो ऑफ इंडिया लिमिटेड (सीआईबीआईएल) के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2017 तक राज्य के स्वामित्व वाले बैंकों में यह रकम 93,357 करोड़ रुपये है. जिसमें 7,564 कर्जदार शामिल हैं.

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रिपोर्ट के अनुसार इस रकम में बीते पांच साल में 340 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. 2013 में 25,410 करोड़ रुपये का था. आरबीआई ने अभी तक बकाएदारों की पूरी सूची का खुलासा नहीं किया है। 2017 में आरबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि वह सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 500 करोड़ रुपये से अधिक ऋण न चुकाने वालों सूची प्रकाशित करने के पक्ष में नहीं है.

 

पीएनबी के कर्जदार 

सीआईबीआईएल से उपलब्ध नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक पंजाब नेशनल बैंक में नीरव मोदी के 11,400 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी के बाद भी 2017 तक 1,018 विलफुल डिफॉल्टरोंपर 12,574 करोड़ रुपये का बकाया है. पीएनबी ने प्रमुख डिफॉल्टरों में विंसम डायमंड (989 करोड़ रुपये), नाफेड (224 करोड़ रुपये) और एप्पल इंडस्ट्रीज (248 करोड़ रुपये) शामिल हैं.

एसबीआई के कर्जदार 

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) में 1,665 उधारकर्ताओं पर 27,716 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है. एसबीआई के प्रमुख बकाएदारों में किंगफिशर एयरलाइंस (1,286 करोड़ रुपये), कैलेक्स केमिकल्स (327 करोड़ रुपये), जेबी डायमंड (208 करोड़ रुपये), स्पैंको 347 करोड़ रुपये, जेनिथ बिड़ला (139 करोड़ रुपये), श्रीम कॉर्प (283 करोड़ रुपये) ज़ूम डेवलपर्स (378 करोड़ रुपये), फर्स्ट लीजिंग (403 करोड़ रुपये) और जीईटी इंजीनियरिंग (406 करोड़ रुपये) का आंकलन किया गया है.

 

आईडीबीआई के कर्जदार 

आईडीबीआई बैंक के 83 विलफुल डिफॉल्टर हैं जिनका बैंक पर 3,65 9 करोड़ रुपये कर्ज है. प्रमुख डिफॉल्टरों में रीड एंड टेलर (206 करोड़ रुपये), एस कुमार नेशनवाइड (834 करोड़) और डेक्कन क्रॉनिकल (26 9 करोड़ रुपये) शामिल हैं.

बैंक ऑफ इंडिया के कर्जदार

बैंक ऑफ इंडिया के 314 विलफुल डिफॉल्टरों ने 6,104 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है. इनमें रीड एंड टेलर (236 करोड़ रु), फॉरेवर प्रेशयस डायमंड (158 करोड़) और मोहन जेम्स (158 करोड़) शामिल हैं.जबकि  बैंक ऑफ बड़ौदा के 432 करोड़ रुपये किंगफिशर एयरलाइन और एबीसी कॉट्स्पिन के 362 करोड़ रुपये शामिल हैं. 

First published: 21 February 2018, 15:52 IST
 
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