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जानिए न चाहते हुए भी कितनी आसानी से आप खरीद रहे हैं चीन का माल

पत्रिका ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:46 IST

जहां एक ओर पूरे देश में चीन के सामान का विरोध हो रहा है. वहीं व्यापारी वर्ग को चिंता सताने लगी है कि आखिर अपनी दुकानों में रखे चाइना के स्टॉक को किस तरह से बेचेंगे. इसके लिए व्यापारियों ने अपने सामान को बेचने के लिए एक नया तरीका इजाद कर लिया है. पब्लिक को बेवकूफ बनाने के लिए चाइना के सामान को इंडिया का बताकर बेचा जा रहा है. 

ताज्जुब की बात तो ये है कि दुकानदार लोगों को साफ कह रहे हैं कि ये माल चीन नहीं इंडिया में ही बन रहा है. ताकि लोगों को विश्वास हो सके. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर क्या तरकीब लगाई जा रही है.

चीन के सामान को बता रहे हैं हिंदुस्तानी

वास्तव में दीपावली पर आया चीन का दुकानों में पहुंच चुका है. लेकिन उरी हमले के बाद पाकिस्तान और चीन का विरोध और चीन के सामान को ना खरीदने की अपील को देश की आम जनता ने काफी गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है. अगर बात पश्चिमी उत्तर प्रदेश की करें तो यहां हालात व्यापारियों के लिए और भी ज्यादा नाजुक हो चुके हैं. 

ऐसे में व्यापारियों ने अपने स्टॉक को निकालने के लिए नया तरीका ईजाद कर लिया है. यह लोग चीन के सामान के ऑरिजिनल रैपर को हटाकर दूसरा रैपर लगा रहे हैं. जिसपर इंडियन कंपनी के साथ मेड इन इंडिया लिखा हुआ है. अगर सामान को देखा जाए तो चाइना में बना हुआ लग रहा है. लेकिन व्यापारी लोगों को इस बात पर आश्वस्त करने में जुटे हुए हैं कि ये इंडिया में बना हुआ है.

पटाखों से लेकर लाइटिंग

दीपावली के मौके पर सबसे ज्यादा चीन के पटाखे, लाइटिंग और दीये खरीदे जाते हैं. अब मार्केट में चीन की बनी हुई कंडील भी आने लगी है. जोकि डोमेस्टिक आइटम से ज्यादा सस्ती होती है. ऐसे में उनकी बिक्री भी खूब होती है. 

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चीन के माल का बाजार करीब 2 से 2.5 हजार करोड़ रुपये का है. ऐसे में कोई भी व्यापारी इतने बड़े नुकसान को झेलने में सक्षम नहीं है. 

एक व्यापारी ने नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि उसने करीब 30 लाख रुपये आइटम चाइना से मंगाया है. ऐसे में ये ना बिका तो वो बर्बाद हो जाएंगे. इस वजह से प्रिंटिंग मशीनों के माध्यम से सामानों के नए स्टीकर बनवाकर उनपर मेड इन इंडिया लिखा जा रहा है. ताकि आसानी से सामान को बेचा जा सके. 

क्योंकि व्यापारी की मजबूरी है

वेस्ट यूपी के सबसे पुराने और मजबूत संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता का कहना है कि दीपावली सिर पर है. सभी व्यापारी भाइयों ने लाखों रुपये का सामान अपनी दुकानों और गोदाम में भर लिया है. ऐसे में उनका सामान नहीं बिकेगा तो ऐसा ही होगा. 

ऐसा करना गलत है के सवाल पर उन्होंने कहा कि हां, गलत है. लेकिन एक व्यापारी लाखों करोड़ों रुपये का नुकसान कैसे झेलेगा? पिछले कुछ सालों में चाइनीज सामान लोगों के बीच काफी पॉपुलर हुआ है. भारत में बने सामान से ज्यादा सस्ता भी है. ऐसे इन सामानों की खरीद बढ़ी है. इसलिए दुकानदारों को ये सामान लाना मजबूरी है. इससे देश के कुटीर उद्योगों को काफी नुकसान हुआ है.

First published: 13 October 2016, 7:11 IST
 
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