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फेसबुक के फ्री बेसिक्स को झटका: ट्राई ने किया नेट न्यूट्रैलिटी का समर्थन

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 February 2016, 20:03 IST

भारतीय टेलीकॉम नियामक संस्था (ट्राई) ने भारत में इंटरनेट डाटा के लिए अलग-अलग चार्ज को नामंजूर कर दिया है.  ट्राई ने कहा है कि अलग- अलग चार्ज लगाने वाले कंपनियों पर प्रतिदिन 50,000 रुपए का जुर्माना लगेगा.

ट्राई का यह आदेश फेसबुक के फ्री बेसिक्स अभियान के लिए तगड़ा झटका है. कई कंपनियां ग्राहकों को विशेष ऑफर देना चाहती हैं, जिस पर ट्राई ने रोक लगा दी है. ट्राई ने नेट न्यूट्रैलिटी का समर्थन किया है.

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ट्राई के अध्यक्ष आरएस शर्मा ने कहा है, 'कोई भी इंटरनेट प्रदाता कंपनी किसी वेबसाइट इस्तेमाल, किसी एप या किसी प्लेटफार्म के यूजर्स के हिसाब से इंटरनेट का टैरिफ प्लान उपभोक्ताओं को नहीं दे सकती.'

पिछले साल फेसबुक ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के साथ मिल कर फ्री बेसिक्स ऑफर की शुरुआत की थी. इसका शाब्दिक अर्थ है कि मुफ्त में इंटरनेट शेयरिंग का प्लेटफार्म.

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फेसबुक का कहना था कि उसकी 'ज़ीरो-रेटिंग सर्विस' से उन लोगों को 'मुफ्त' इंटरनेट मिलेगा जो इसका ख़र्च नहीं उठा सकते. इसके समर्थकों का दावा था कि जिन देशों में इंटरनेट की पहुंच सीमित है उनमें लाखों लोगों को इसकी सुविधा मिल सकेगी.


इसके बाद फ्री बेसिक्स के आलोचकों ने 'सेव द इंटरनेट' मुहिम चलाई और ट्राई के पास हजारों संदेश भेजकर फेसबुक के अभियान का विरोध जताया था.

First published: 8 February 2016, 20:03 IST
 
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