Home » बिज़नेस » Trains of companies like Tata, Adani and Hyundai will now run on the tracks of Indian Railways
 

इंडियन रेलवे की पटरियों पर अब दौड़ेगी टाटा, अडानी और Hyundai की रेल, जानिए क्या है सरकार का प्लान ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 February 2020, 11:17 IST

बजट 2020 (Budget 2020) में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा करते हुए कहा था कि भारतीय रेलवे पर्यटन स्थलों को जोड़ने के लिए तेजस एक्सप्रेस जैसी और भी रेल सेवाओं का संचालन करेगा. एक रिपोर्ट के अनुसार रेलवे ने हाल ही में देश भर में 100 रूट्स पर निजी प्लेयर्स को शामिल करने के लिए एक मेगा योजना प्रस्तावित की है. सरकार चाहती है कि निजी कंपनियां रेलवे में आएं और IRCTC की तेजस जैसी निजी ट्रेन चलाएं. सरकार ने इसके लिए निजी कंपनियों की भागीदारी का स्वागत किया है.

इन कंपनियों ने दिखाई है दिलचस्पी

एलस्टॉम ट्रांसपोर्ट, बॉम्बार्डियर, सीमेंस एजी, हुंडई रोटेम कंपनी और मैक्वेरी सहित दो दर्जन से अधिक वैश्विक कंपनियों ने इसमें रुचि दिखाई है. घरेलू कंपनियों में टाटा रियल्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर, हिताची इंडिया और साउथ एशिया, एस्सेल ग्रुप, अदानी पोर्ट्स और एसईजेड, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने भी भी देश में निजी ट्रेन चलाने में रूचि दिखाई है.

भारतीय रेलवे ने पूरे भारत में 150 निजी गाड़ियों की शुरुआत के लिए 100 मार्गों की सूची तैयार की है. 100 मार्गों को 10-12 समूहों में विभाजित किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार मुंबई-नई दिल्ली, चेन्नई से नई दिल्ली, नई दिल्ली से हावड़ा, शालीमार से पुणे, नई दिल्ली से पटना कुछ ऐसे मार्ग हैं जहां से निजी ट्रेनें संचालित होंगी.

 

सरकार के दस्तावेज में कहा गया है कि प्रत्येक नई ट्रेन में न्यूनतम 16 डिब्बे होंगे. कोचों की अधिकतम संख्या संबंधित मार्ग पर चलने वाली सबसे लंबी यात्री ट्रेन से अधिक नहीं होगी. इन ट्रेनों के अधिकतम गति 160 किमी प्रति घंटे होगी. कहा गया है कि किसी विशेष मार्ग पर किराया तय के लिए निजी संस्था का अंतिम निर्णय होगा. वे गाड़ियों के वित्तपोषण, खरीद, संचालन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार होंगे.

नए बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए बजट 2020 में नई रेलवे लाइनों के निर्माण के लिए 12,000 करोड़, गेज परिवर्तन के लिए 2,250 करोड़, दोहरीकरण के लिए 700 करोड़, रोलिंग स्टॉक के लिए 5,786.97 करोड़. सिग्नलिंग और दूरसंचार के लिए 1,650 करोड़ का आवंटन किया गया है.

गरीब हो गए हैं अनिल अंबानी, अदालत से बोले- जीरो हो गई है नेटवर्थ, नहीं दे सकता बकाया

First published: 9 February 2020, 11:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी