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16 इंच के चाइनीज टायर होंगे महंगे, सरकार ने बढ़ाई ड्यूटी

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 June 2019, 15:11 IST

टायर कंपनियों के शेयरों में मंगलवार को बढ़ोतरी देखि गई क्योंकि सरकार ने 16 इंच से अधिक रिम के चीनी रेडियल टायरों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया. जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड और सिएट लिमिटेड के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर क्रमशः 4.7% और 3.2% चढ़े. जबकि Apolly Tires Ltd और MRF Ltd के शेयरों में क्रमशः 1.2% और 2.6% की वृद्धि हुई. 16 इंच से ऊपर रिम मुख्य रूप से भारी ट्रक और बस पर इस्तेमाल होते हैं.

ऑटोमोटिव टायर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के महानिदेशक, राजीव बुद्धिराज के अनुसार "पहले से ही चीनी टायर ट्रक और बस रेडियल आयात पर डंपिंग रोधी शुल्क के अलावा एंटी-सब्सिडी काउंटरवेलिंग ड्यूटी लगाई गई है. यह इस आधार पर है कि चीनी सरकार टायर निर्यात पर सब्सिडी देती है."


सरकार का निर्णय घरेलू ऑटो उद्योग में मंदी के कारण आया हो सकता है. ऑटो बिक्री में तेजी से गिरावट आ रही है. यदि चीनी टायरों से प्रतिस्पर्धा कम हो जाए तो रिप्लेसमेंट मार्केट की बिक्री के घाटे को कम किया जा सकता है. इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर ऑटो उद्योग में मंदी को देखते हुए यह संभावना है कि चीनी कंपनियां अधिक डंपिंग का सहारा लेंगी, जिससे घरेलू निर्माताओं की मुश्किलें बढ़ेंगी. चीनी टायर आयात दो साल पहले प्रति माह 1.5 लाख इकाइयों से लगभग 30,000 यूनिट प्रति माह हो गया है.

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First published: 25 June 2019, 15:11 IST
 
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