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बजट 2019: हर ग्रामीण परिवार को मिलेंगे 18,000 रुपये, मोदी सरकार की गरीबों को बड़ी सौगात!

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 January 2019, 18:13 IST

बजट 2019: एक फरवरी को पेश किये जाने वाले अंतरिम बजट में मोदी सरकार प्रत्येक ग्रामीण किसान परिवारों को 18000 रुपये देने की घोषणा कर सकती है. जाने-माने अर्थशास्त्री और देश के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविन्द सुब्रह्मण्यम ने कृषि समस्या से निपटने के लिए प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 18,000 रुपये वार्षिक की एक अर्ध-सार्वभौमिक मूलभूत ग्रामीण आय (क्यूयूबीआरआई) का प्रस्ताव दिया है. लेकिन यान आर्थिक मदद उनको नहीं दिया जाएगा, जिनकी आमदनी अच्छी है. इस स्कीम को लागू करने की अनुमानित लागत 2.64 लाख करोड़ रुपए होगी. बजट 2019 में यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम के एलान की संभावना है.

सुब्रह्मण्यम ने यह प्रस्ताव वर्ल्ड बैंक के अर्थशास्त्री बोबान पॉल, जेएच कंसल्टिंग के निदेशक जोश फेलमन और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के पीएचडी छात्र एम. आर. शरण के साथ सम्मलित रूप से लिखे परचे (Note) में दिया है, इसमें कहा गया है कि ग्रामीण आबादी को करीब 18,000 रुपये सालाना या 1,500 रुपए प्रति माह के हिसाब से मुहैया कराई जाए. हस्तांतरण के दायरे में देश की 75 प्रतिशत ग्रामीण आबादी आएगी, जिसकी कुल लागत 2.64 लाख करोड़ रुपये यानि भारत की जीडीपी के लगभग 1.3 प्रतिशत होगी.

इस परचे का हेडिंग है ''अर्ध-सार्वभौमिक मूलभूत ग्रामीण आय : आगे का रास्ता'' है, इस नोट में सुझाव दिया गया है कि इस राशि को को केंद्र और राज्य सरकारों को आधा-आधा बांटना चाहिए. यह प्रस्ताव अंतरिम बजट से कुछ ही दिन पहले आया है, जिसमें किसानों के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) स्कीम की घोषणा होने की प्रबल संभावना है.

अरविन्द सुब्रह्मण्यम मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक हैं और देश की अर्थव्यवस्था और सरकार की नीतियों को बेहतर तरीके से जानते हैं इसलिए केंद्र उनके सलाह को नजरअंदाज नहीं कर सकता है. हाल ही में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सत्ता गवानें के बाद मोदी सरकार किसानों की नाराजगी मोल नहीं लेगी और उन्हें खुश करने का भरसक प्रयास करेगी. 

First published: 29 January 2019, 18:13 IST
 
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