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रेलवे के निजीकरण से 'प्रभु' का इनकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 April 2017, 14:00 IST

केंद्रीय रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने आज रेलवे के निजीकरण की संभावनाओं से इनकार किया है. प्रभु ने कहा कि रेलवे का निजीकरण करके आम लोगों के हित को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है.

प्रभु से निजीकरण पर सवाल में पूछा गया कि दीर्घकालिक दृष्टि अपनाने पर ऐसा प्रतीत होता है कि रेलवे आम लोगों के परिवहन का किफायती माध्यम नहीं रहकर निजीकरण की राह पर चला जाएगा. तो उन्होंने जवाब में कहा, "भारत में ऐसा नहीं हो सकता, मेरे ख्याल से रेलवे आम लोगों के लिए परिवहन का अंतिम विकल्प है."

निजीकरण के विचार को खारिज करते हुए रेल मंत्री ने कहा, "आप यह नहीं कह सकते हैं कि निजीकरण के जरिए रेलवे की समस्याओं का समाधान संभव है.  दुनिया में बहुत कम रेलवे का निजीकरण हुआ है. ब्रिटेन की रेलवे के एक हिस्से का निजीकरण हुआ. उसे किसने खरीदा? इटली के रेलवे ने, जिसका नियंत्रण इटली की सरकार करती है. सरकारी संस्थाएं इसे खरीद रही हैं."

उन्होंने पूछा, "आपको लगता है कि निजी विमान कंपनियां किसानों के लिए विशेष उड़ानों का परिचालन करेंगी. हम ट्रेन में यात्रा करने वाले लोगों को लेकर चिंतित हैं."

जनसेवा के दायित्वों पर जोर देते हुए प्रभु ने विश्वभर की व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा, "इसके लिए किसी को भुगतान करना है जैसा कि दुनिया भर में हो रहा है. अगर आप जनसेवा कर रहे हैं तो वह केवल लोगों की सेवा है. इसलिए किसी को तो जनसेवा दायित्व का निर्वहन करना है और ऐसा पूरी दुनिया में होता है."

First published: 27 April 2017, 14:00 IST
 
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