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नकली जूते बेचने के आरोप में इस अमेरिकी कंपनी ने किया Flipkart पर मुकदमा!

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 December 2017, 15:03 IST

अमेरिकी पर्फामेंस फुटवियर और लाइफस्टाइल ब्रांड स्केचर्स ने देश के प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart और चार अन्य को कथितरूप से नकली उत्पाद बेचने के आरोप में अदालत में घसीटा है. अमेरिकी कंपनी ने इस संबंध में दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है.

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक स्केचर्स ने अदालत द्वारा नियुक्त किए गए स्थानीय कमिश्नरों की मदद से दिल्ली और अहमदाबाद में रिटेल नेट, टेक कनेक्ट, यूनिकेम लॉजिस्टिक्स और मैर्को वैगन के सात वेयर हाउसों में छापा मारा ताकि नकली उत्पाद बरामद किए जा सकें.

इन छापों के दौरान कंपनी ने नकली जूतों की 15,000 जोड़ियां बरामद कीं, जिन पर स्केचर्स का ब्रांड लगाया गया था. कंपनी ने कथितरूप से याचिका में अदालत से कहा है कि उसे अभी इन वेंडर्स के अन्य वेयर हाउसों में छापा मारना बाकी है.

रिपोर्ट के मुताबिक स्केचर्स ने कहा था कि वो अपने ब्रांड के नाम की रक्षा और कॉपीराइट एवं इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी को सुरक्षित रखने के लिए उचित कार्रवाई करेगी.

फिलहाल अब तक देश के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मस ने यह कह रखा है कि वे केवल ऑनलाइन बाजार हैं, न कि असल विक्रेता. इससे पहले की घटनाओं में इन प्लेटफॉर्म्स द्वारा नकली उत्पादों की मार्केटिंग की गई और ई-कॉमर्स कंपनियों ने तर्क दिया कि वे केेवल ग्राहकों और विक्रेताओं को जोड़ने में भूमिका निभाते हैं.

रिपोर्ट में आगे लिखा हुआ है कि पहले भी देश की कई ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर अपने प्लेटफॉर्म के जरिये नकली उत्पाद बेचने का आरोप लग चुका है. टॉमी हिलफिगर, लाकोस्टे, कैल्विन क्लीन, लिवाइस और सुपरड्राई जैसे ब्रांडों ने बीते तीन सालों में अदालत द्वारा डलवाए गए छापों के दौरान हजारों नकली कपड़े जब्त किए हैं.

गौरतलब है कि भारतीय ई-कॉमर्स बाजार पर देसी प्लेटफॉर्म Flipkart और सिएटल के Amazon का प्रभुत्व है. बाजार विश्लेषकों के मुताबिक त्योहारी मौसम में इन दोनों ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने 8,500 करोड़ रुपये की बिक्री के बड़े हिस्से पर कब्जा जमाया.

First published: 28 December 2017, 15:03 IST
 
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