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ऐसी ही रही भारत की आर्थिक नीति तो इस सूचि हटा दिया जायेगा : यूएस ट्रेजरी विभाग

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 October 2018, 17:04 IST

ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा कि अमेरिका प्रमुख व्यापार भागीदारों की करेंसी मॉनिटरिंग लिस्ट से भारत को हटा सकता है. अप्रैल में अमेरिका ने भारत को चीन, जर्मनी, जापान, दक्षिण कोरिया और स्विट्ज़रलैंड के साथ इस सूची में रखा था. ट्रेजरी विभाग ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में एक ही निगरानी सूची बनाए रखी है लेकिन कहा कि यदि भारत पिछले छह महीनों में चल रहे अभ्यास को जारी रखता है तो उसे अगली द्वि-वार्षिक रिपोर्ट से हटा दिया जाएगा.

यूएस ट्रेजरी ने अपनी रिपोर्ट में कहा "भारत की परिस्थितियों में उल्लेखनीय रूप से बदलाव आया है क्योंकि 2018 के पहले छह महीनों में केंद्रीय बैंक की विदेशी मुद्रा की शुद्ध बिक्री में जून 2018 की चार तिमाहियों में शुद्ध खरीद 4 अरब डॉलर (29,408 करोड़ रुपये) या 0.2 प्रतिशत की गिरावट आई है.

यह कहा गया है कि भारत के पास जून 2018 के माध्यम से चार तिमाहियों में 23 बिलियन अमेरिकी डॉलर के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय माल व्यापार अधिशेष है, लेकिन भारत का चालू खाते में सकल घरेलू उत्पाद का 1.9% घाटा है. नतीजतन भारत अब 2015 अधिनियम से तीन मानदंडों में से एक को पूरा करता है. रिपोर्ट में कहा गया अगर यह मेभी यही हल रहा तो वह ट्रेजरी की निगरानी सूची से भारत को हटा देगा.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल के शुरुआती 6 महीनों में डॉलर के मुकाबले रुपया 7 फीसदी कमजोर हुआ है. बड़ी संख्या में विदेशी निवेशकों ने अपनी पूंजी निकाल ली है. जून महीने तक भारत के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा 23 अबर डॉलर का था. सकल घरेलू उत्पाद पर भारत का चालू खाता घाटा जीडीपी का 1.9 फीसदी हो गया.

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First published: 18 October 2018, 17:04 IST
 
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