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उत्तराखंड : लॉकडाउन ने 250 करोड़ के फूलों का कारोबार किया चौपट

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 May 2020, 11:24 IST

Coronavirus : कोरोना वायरस महामारी ने दुनियाभर में कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है. असम के चाय कारोबार से लेकर उत्तराखंड का फूल कारोबार भी इससे अछूता नहीं रह गया है. एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में फूल उत्पादकों का कहना है कि उन्हें COVID19 लॉकडाउन के कारण उन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. ANI के अनुसार एक पॉलीहाउस सुपरवाइजर हरगोविंद कहते हैं "हमारे विभिन्न प्रकार के पौधे हैं लेकिन मुझे मजदूर नहीं मिले, तो खराब मौसम ने पौधों को नष्ट कर दिया. अब कुल उपज का केवल 20 फीसदी ही बचा है."

उत्तराखंड के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि फ्लोरीकल्चर सेक्टर के लोगों ने अपनी समस्याएं बताई हैं. बाजार मूल्य के अनुसार खराब मौसम के कारण 250 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. उनका प्रस्ताव आपदा प्रबंधन विभाग को भेजा गया. मुआवजे की प्रक्रिया चल रही है. उत्तराखंड में ऐसी कई पॉलीहाउस हैं, जहां फूलों को कूड़े में डंप करने पर लोग मजबूर हैं. एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार इस महीने की शुरुआत में हरिद्वार जिले के बुग्गावाला इलाके में एक पॉलीहाउस में एक दर्जन से अधिक कर्मचारी रोजाना सुबह ट्रैक्टरों पर फूल लादकर उन्हें खुले में कचरे में फेंक रहे थे. 24 मार्च से यह उनकी यही दिनचर्या थी, जब लॉकडाउन शुरू किया गया था.


उत्तराखंड में कोरोना वायरस के अबतक 82 मामले आ चुके हैं. राज्य कई पॉलीहाउस बंद भी किए गए हैं. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार एक पॉली हाउस मालिक मनमोहन भारद्वाज ने वित्तीय नुकसान को कम करने और अपने कर्मचारियों का भुगतान जारी रखने के लिए अपने कर्मचारियों को मशरूम की खेती में स्थानांतरित करने का फैसला किया है.

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भारद्वाज, जो उत्तराखंड के फ्लोरीकल्चर एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं, 60,000 वर्ग मीटर के क्षेत्र में जरबेरा के फूलों को उगाते हैं और दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बाजारों में आपूर्ति करते हैं. हर साल अप्रैल और मई के महीनों में उत्पादन और कमाई बढ़ती है क्योंकि मौसम फूल की वृद्धि के लिए आदर्श है और यह शादी का मौसम भी है. भारद्वाज ने कहा "अप्रैल और मई में मुझे शादी समारोहों और फूलों की वृद्धि के कारण लगभग 50 प्रतिशत वार्षिक व्यापार मिलता है. चूंकि लॉकडाउन और सार्वजनिक समारोहों के कारण शादियां रद्द हो गई हैं इसलिए फूलों का कारोबार चौपट हो गया है.

उत्तराखंड में राज्य सरकार ने लॉकडाउन के दौरान विवाह समारोहों की अनुमति देने का फैसला किया है, लेकिन दूल्हा और दुल्हन प्रत्येक के पक्ष से केवल पांच व्यक्तियों की अनुमति है. राज्य सरकार के अनुमानों के मुताबिक उत्तराखंड में सालाना फूलों की खेती का कारोबार 250 करोड़ रुपये का है.

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First published: 16 May 2020, 11:12 IST
 
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