Home » बिज़नेस » Catch Hindi: vijay mallya passport seizure is distance dream
 

विजय माल्या: एक घोषित दिवालिए को स्टेट बैंक देश छोड़ने से रोक पाएगा?

सौरभ दत्ता नीरज ठाकुर | Updated on: 6 March 2016, 0:00 IST

कारोबारी विजय माल्या पर कानून का शिकंजा कसता नजर आ रहा है. उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है. उनपर भारतीय बैंकों के हजारों करोड़ रुपये बकाया हैं.
 
उनके अलावा दूसरे कई लोगों ने बैंक से बहुत बड़ी राशि उधार ले रखी है और अब तक चुकाया नहीं है. लेकिन माल्या की रंगीन जीवनशैली के कारण भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वरन रघुराम राजन उनसे खास तौर से नाराज हैं.

भारतीयों बैंकों के करीब 10 लाख करोड़ रुपये ऐसे कारोबारियो के पास उधार हैं जिनसे पैसे वापस मिलने की कोई उम्मीद नहीं है. बैंकिग की भाषा में इसे बैड लोन कहते हैं.


भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी) में यूबी ग्रुप के प्रमोटर विजय माल्या के खिलाफ चार अर्जियां डाल रखी हैं.

माल्या ने अपनी हिस्सेदारी वाली शराब कंपनी यूनाइटेड स्प्रििट्स के अपने सारे शेयर ब्रितानी शराब कंपनी डिआजियो को करीब 500 करोड़ रुपये में बेच दिए हैं. एसबीआई ने कहा है कि इस पैसे पर पहला हक उसका है क्योंकि माल्या उसके कर्जदार हैं.

भारत के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने मांग की है कि माल्या को गिरफ्तार करके उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया जाए. 17 बैंकों के कंसॉर्टियम ने मांग की है कि माल्या की कुल संपत्ति का खुलासा किया जाए.


2015 में एसबीआई ने माल्या और उनकी कंपनी यूनाइटेड ब्रेवरीज को जानबूझ कर कर्ज न चुकाने वाला घोषित कर दिया था. माल्या की बंद हो चुकी कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस पर बैंक के सात हजार करोड़ रुपये बकाया है.

ऐसे में ये सवाल उठने लगा है कि क्या माल्या कर्ज न चुकाने के लिए जेल जा सकते हैं? ये भी सवाल पूछा जा रहा है कि क्या भारतीय कानून उनका पासपोर्ट जब्त करके उन्हें विदेश जाने से रोकने में सक्षम है?

एसबीआई और बाक बैंक चाहते हैं कि जब तक माल्या पर बकाया भारी राशि वो चुका नहीं देते तब तक उन्हें देश छोड़ने की अनुमति न मिले.

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सभी बैंक सुप्रीम कोर्ट में माल्या का पासपोर्ट जब्त किए जाने के लिए पूरा जोर लगाएंगे. लेकिन भारतीय कानून के अनुसार किसी का पासपोर्ट जब्त करवाना आसान नहीं है. कानूनी तौर पर केवल बैंकों का कर्जदार होने के बिना पर माल्या के पासपोर्ट जब्ती का आदेश पाना टेढ़ी खीर साबित होगा.

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21(जीवन और निजी स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार) के तहत हवाई यात्रा का अधिकार मौलिक अधिकार का अभिन्न अंग है.

माल्या का पासपोर्ट तभी जब्त किया जा सकता है जब पासपोर्ट एक्ट की धारा 10(3) की सभी शर्तें पूरी होती हों. सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट संजय हेगड़े के अनुसार किसी भारतीय नागरिक का पासपोर्ट जब्त करने का एकमात्र कानूनी प्रावधान यही है.

हेगड़े बतात हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने मेनका गांधी मामले(1978) में ये कहा था कि किसी का पासपोर्ट जब्त करने का एकमात्र कानूनी तरीका यही है.

इसके अलावा कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर(सीआरपीसी) की धारा 104 के तहत अदालत को किसी व्यक्ति का कोई भी 'दस्तावेज' जब्त करने का अधिकार है.

इस कानून के तहत भी माल्या का पासपोर्ट जब्त करना मुश्किल होगा क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने 2008 में अपने फैसले में कहा था कि जब्त करने के संदर्भ में पासपोर्ट को 'दस्तावेज' नहीं कहा जा सकता. तब अदालत ने अपने फैसले में व्यक्ति की निजी स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का ही हवाला दिया था.

First published: 6 March 2016, 0:00 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी