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अनिल अंबानी वक्त पर नहीं चुका पाए स्पेक्ट्रम की रकम, Voda-Idea, एयरटेल, जियो ने चुकाए 6,000 करोड़

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 March 2019, 11:19 IST

टेलिकॉम ऑपरेटर्स वोडाफोन आइडिया, भारती एयरटेल और रिलायंस जियो ने सरकार को 03 मार्च के लिए स्लेट स्पेक्ट्रम बकाया में लगभग 6,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, लेकिन कर्ज में डूबी रिलायंस कम्युनिकेशंस ने अब तक 21.5 करोड़ रुपये के अपने बकाये को जमा नहीं किया है.

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार भारत के सबसे बड़े दूरसंचार ऑपरेटर वोडाफोन आइडिया ने दूरसंचार विभाग को अपने स्पेक्ट्रम के बकाए के लिए 3,042.7 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है (यानी नीलामी में खरीदे गए स्पेक्ट्रम के लिए भुगतान किस्त को स्थगित कर दिया).

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार भुगतान के लिए नियत तारीख 3 मार्च थी और वोडाफोन आइडिया ने 2 मार्च को अपना भुगतान किया. वोडाफोन आइडिया- जिसका 25,000 करोड़ रुपये का फंड जुटाने का प्लान राइट्स इश्यू के जरिए हाल ही में कैबिनेट को मिला है, अप्रैल में उसका 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का अगला भुगतान करने की उम्मीद है.

भारती एयरटेल ने जहां 1,918 करोड़ रुपये का भुगतान किया वहीं रिलायंस जियो ने 1,053 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जबकि रिलायंस कम्युनिकेशंस ने अभी तक देय तारीख के अनुसार 21.5 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया है.

रिपोर्ट के अनुसार दूरसंचार कंपनियों को भुगतान करने के लिए DoT द्वारा नियत तारीख के बाद 10 दिनों की छूट अवधि दी जाती है, जो कि ऐसे मामलों पर आगे निर्णय लिया जाता है. वोडाफोन आइडिया ने इससे पहले 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के वार्षिक स्पेक्ट्रम भुगतान पर दो साल की मोहलत मांगी है, जिससे उच्च ऋण स्तर और बैलेंस शीट पर तनाव का हवाला दिया गया है. कुल मिलाकर, वोडाफोन आइडिया द्वारा भुगतान की जाने वाली राशि इस वर्ष लगभग 11,900 करोड़ रुपये होने का अनुमान है.

वोडाफोन और आइडिया ने अपने मोबाइल कारोबार के विलय से पहले 2010, 2012, 2014, 2015 और 2016 में पांच नीलामी में भाग लिया था. पांच नीलामी में वोडाफोन ने अकेले 79,343 करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम का अधिग्रहण किया था, जो कि किसी भी अन्य ऑपरेटर द्वारा की गई बोलियों की तुलना में मूल्य के मामले में सबसे अधिक है. आइडिया ने भी उन नीलामी में 63,597 करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम खरीदे थे. 31 अगस्त, 2018 को विलय के पूरा होने के बाद, स्पेक्ट्रम भुगतान देयता अब वोडाफोन आइडिया पर है.

सरकार ने पिछले साल मार्च में स्पेक्ट्रम की भुगतान के लिए वार्षिक किस्तों की संख्या 10 से बढ़ाकर 16 साल कर दी, जिससे इस क्षेत्र को राहत मिली, जो लगभग 7.8 लाख करोड़ के कर्ज के दायरे में है. नवंबर में इंडस्ट्री बॉडी सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने फिर से DoT सचिव अरुणा सुंदरराजन से संपर्क किया कि नीलामी में जीती गई स्पेक्ट्रम की किश्तों के भुगतान पर अतिरिक्त 2 साल की मोहलत मांगी जाए और किश्तों के लिए लगाए गए ब्याज शुल्क में छूट दी जाए.

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First published: 6 March 2019, 11:13 IST
 
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