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Vodafone-Idea का मर्जर हुआ पूरा, 32% रेवेन्यू के साथ बनी देश की सबसे बड़ी मोबाइल ऑपरेटर

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 August 2018, 13:37 IST

आइडिया सेल्युलर और वोडाफोन इंडिया की विलय विलय प्रक्रिया पूरी हो गई. इन दोनों टेलीकॉम कंपनियों के मर्जर के बाद यह देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन जाएगी, जिसके पास 42 करोड़ से अधिक ग्राहक होंगे. मर्ज की गई नई इकाई 'वोडाफोन आइडिया लिमिटेड' के लिए एक नया बोर्ड गठित किया गया है जिसमें 12 निदेशकों होंगे, जिनमे से छह स्वतंत्र निदेशकों और कुमार मंगलम बिड़ला भी शामिल हैं. कंपनियों ने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि बोर्ड ने बलेश शर्मा को सीईओ नियुक्त किया है.

इस संयोजन का टेलिकॉम बाजार में 32.% का राजस्व हिस्सा होगा और नौ टेलीकॉम सर्किलों में शीर्ष स्लॉट लेगा. कंपनियों के अनुसार वोडाफोन और आइडिया ब्रांड दोनों जारी रहेंगे. इस मर्जर से दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल झटका लगने की उम्मीद है. संयुक्त इकाई में 17 लाख खुदरा दुकानों के साथ 3.4 लाख साइटों और वितरण नेटवर्क का ब्रॉडबैंड नेटवर्क होगा.

 

बयान में कहा गया है, "विलय से 14,000 करोड़ रुपये की एनुअल सिनर्जी पैदा करने की उम्मीद है, जिसमें 8,400 करोड़ रुपये की ओपेक्स सिनेर्जी शामिल हैं, जो लगभग 70,000 करोड़ रुपये के शुद्ध वर्तमान मूल्य के बराबर है." 30 जून 2018 को कंपनी का शुद्ध ऋण 109200 करोड़ रुपये था.

आइडिया में 6,750 करोड़ रुपये और वोडाफोन में 8,600 करोड़ रुपये का इक्विटी निवेश, जिसमें 7,850 करोड़ रुपये के उद्यम मूल्य के लिए दोनों कंपनियों के स्टैंडअलोन टावरों का मुद्रीकरण हुआ. इसके अलावा इसमें कहा गया है कि कंपनी के पास सिंधु (टावर कंपनी) में 11% हिस्सेदारी मुद्रीकरण करने का विकल्प है, जो कि 5,100 करोड़ रुपये का नकद विचाराधीन है.

इस संयोजन में लगभग 1,850 मेगाहर्ट्ज, 2 लाख से अधिक मोबाइल साइट्स और लगभग 2.35 लाख किलोमीटर फाइबर का विस्तृत स्पेक्ट्रम पोर्टफोलियो होगा. यह देशभर में बेहतर आवाज और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करने की अनुमति देगा, जिसमें 92% आबादी शामिल है और लगभग 5,00,000 कस्बों और गांवों तक इसकी पहुंच होगी."

आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला और वोडाफोन आइडिया लिमिटेड ने कहा, "आज, हम भारत के अग्रणी दूरसंचार ऑपरेटर बन गए हैं. यह वास्तव में एक ऐतिहासिक क्षण है.वोडाफोन आइडिया के रूप में हम अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा, पैमाने और मानकों की एक कंपनी का निर्माण करके इस पहल में साझेदारी कर रहे हैं. "

सीईओ बलेश शर्मा ने कहा, "हम अपने खुदरा और उद्यम ग्राहकों दोनों को नए उत्पादों, सेवाओं और समाधानों के माध्यम से अपनी विकसित डिजिटल और कनेक्टिविटी जरूरतों को पूरा करते हुए एक उत्कृष्ट अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं."

आइडिया द्वारा नियामक फाइलिंग ने कहा गया है कि सभी औपचारिकताओं और अनुमोदनों के पूरा होने के बाद इसका नाम बदलकर वोडाफोन आइडिया लिमिटेड रखा जाएगा. विलय के बाद आइडिया सेलुलर की पेड-अप इक्विटी शेयर पूंजी 8,735.13 करोड़ रुपये हो गई.

First published: 31 August 2018, 13:37 IST
 
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