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रिलायंस जियो या आइडिया के साथ टाई-अप कर सकता है वोडाफोन

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 January 2017, 15:36 IST

रिलायंस जियो की भारतीय टेलीकॉम में एंट्री के बाद यह साल यानी 2017 बड़ी उठा-पटक वाला होने जा रहा है. अब खबर है कि देश में दूसरे नंबर का टेलीकॉम ऑपरेटर वोडाफोन संभवता गलाकाट प्रतिस्पर्धा के दौर में अपनी मौजूदगी बरकरार रखने के लिए किसी प्रमुख कंपनी के साथ मर्जर कर सकता है.

टेलीग्राफ में छपी खबर की मानें तो वोडाफोन इंडिया द्वारा इस साल के लिए बनाई गई बिजनेस की योजना, प्राइसवार के चलते पूरी होती नजर नहीं आ रही है. टेलीकॉम बाजार में हुई कड़ी प्रतिस्पर्धा ने सभी कंपनियों के बढ़ते व्यवसाय को धीमा किया है. 

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सितंबर 2016 में भारतीय टेलीकॉम बाजार में कदम रखने वाली रिलायंस जियो की मुफ्त स्कीम ने दिग्गज ऑपरेटर एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया के व्यवसाय को भारी नुकसान पहुंचाया है. इन कंपनियों के यूजर्स अब पहले की तरह रिचार्ज नहीं करवा रहे हैं और सेकेंड सिम के रूप में रिलायंस जियो का इस्तेमाल करने लगे हैं. परिणामस्वरूप इन कंपनियों का धंधा चौपट हो रहा है.

मजबूरन अब तक बाजार में तकरीबन एक रेट की मोनोपोली रखने वाली यह तीनों कंपनियां गलाकाट प्रतिस्पर्धा करते हुए एक से बढ़कर एक प्लान देने और अपने ग्राहकों को बनाए रखने में जुटी हुई हैं. 

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भारत के सबसे धनी व्यक्ति और रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुखिया मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो फिलहाल पांचवें नंबर की टेलीकॉम ऑपरेटर बन गई है. जबकि एयरसेल के साथ मर्जर करके मुकेश के भाई अनिल अंबानी की रिलायंस इंफोकॉम ने भी अपना कद मजबूत करने की पूरी तैयारी पहले ही कर ली है.

अब जब टेलीकॉम कंपनियां दाम कम करके अपना मुनाफा कम करने में लगी हुई हैं तो वोडाफोन के सामने अपने लाभ को बचाने की चुनौती आ खड़ी हुई है. 

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बताया जा रहा है कि वोडाफोन को अब समझ में आ चुका है और वो या तो भारत के तीसरे नंबर के टेलीकॉम प्लेयर आइडिया या फिर रिलायंस जियो के साथ टाई-अप करके अपनी मौजूदगी को मजबूत बनाने का काम करे. संभावना यह भी जताई जा रही है कि जियो और आइडिया भी एक साथ मिल सकते हैं.

और अगर ऐसा हो जाता है यानी वोडाफोन, जियो या आइडिया के साथ जुड़ जाती है, टाईअप कर लेती है या मर्जर कर लेती है तो निश्चित रूप से ही यह संयुक्त रूप से नंबर एक की टेलीकॉम ऑपरेटर हो जाएगी. क्योंकि फिलहाल वोडाफोन भारत में दूसरे नंबर का टेेलीकॉम ऑपरेटर है और आइडिया नंबर तीन का.

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वहीं, सूत्रों का कहना है कि इस गलाकाट प्रतिस्पर्धा के दौर में छोटे टेलीकॉम प्लेयर्स खुद को अन्य कंपनियों के साथ मिलाने का भी प्रयास कर सकते हैं. इनमें टेलीनॉर, टाटा डोकोमो जैसी कंपनियां भी शामिल हैं. 

First published: 10 January 2017, 15:36 IST
 
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