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वोडाफोन नहीं छोड़ रही रिलायंस जियो का पीछा

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 February 2017, 12:58 IST

रिलायंस जियो द्वारा टेलीकॉम बाजार में लाए गए तूफान के बाद अब फिर से वोडाफोन इसके पीछे पड़ गई है. रिलायंस जियो की दो मुफ्त पेशकश को ट्राई द्वारा दी गई क्लीनचिट को चुनौती देने के लिए वोडाफोन ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में अपनी याचिका में संशोधन करने की गुजारिश की.

इस संबंध में रिलायंस जियो ने न्यायमूर्ति संजीव सचदेव के समक्ष कहा था कि वोडाफोन ने टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के उन दो आदेशों को चुनौती नहीं दी है, जिनमें जियो की इन मुफ्त पेशकशों को उल्लंघन नहीं करने वाला बताया गया था. ट्राई के यह आदेश 20 अक्तूबर 2016 और 2 फरवरी 2017 को सामने आए थे.

इस बाबत हाईकोर्ट ने वोडाफोन से कहा कि वह या तो साफ कहें कि ट्राई ने कोई कार्रवाई नहीं की, ऐसी स्थिति में नियामक को कार्रवाई करने के लिए कहा जा सकता है. या फिर वोडाफोन यह कहे कि ट्राई का आदेश गलत है और उसे चुनौती दी जा रही है.

 

उच्च न्यायालय ने कहा, "दोनों बातें नहीं हो सकतीं कि ट्राई ने कुछ नहीं किया और उन्होंने प्रशासनिक आदेश जारी कर दिया." हालांकि इस पर वोडाफोन ने कहा कि वह ट्राई के दो आदेशों को चुनौती देने के लिए अपनी याचिका में संशोधन करेगी और इसके लिए उसे वक्त चाहिए.

इसके बाद अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 10 मार्च तय कर दी. वहीं, रिलायंस जियो का कहना था कि वोडाफोन की यह दलील इस मामले में ठीक नहीं साबित होती कि ट्राई ने कोई कार्रवाई नहीं की.

यह मामला उच्च न्यायालय में ठहर ही नहीं सकता. इसके खिलाफ वोडाफोन को टेलीकॉम डिस्प्यूट्स सेटलमेंट एपेलेट ट्रिब्यूनल (टीडीसैट) में जाना चाहिए था.

उधर, ट्राई ने इस बाबत कहा कि बीते साल अक्तूबर और इस साल फरवरी में उनकी तरफ से लिए गए फैसले, आदेश नहीं हैं और इन्हें टीडीसैट में पेश नहीं किया जा सकता.

First published: 28 February 2017, 12:58 IST
 
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