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बिल गेट्स की राह पर क्यों नहीं चल पाते सचिन और बिन्नी बंसल जैसे भारतीय ?

सुनील रावत | Updated on: 9 May 2018, 17:05 IST

कंपनियों को सफल बनाने के बाद उनका अधिग्रहण होना कारोबारी इतिहास में लम्बे समय से होता आया है. इसी कड़ी में अमेरिकी दिग्गज कंपनी वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण कर लिया. इस सौदे के बाद एक बहस ने जन्म ले लिया है. कई जानकार कहते हैं कि फ्लिपकार्ट को यह सौदा नहीं करना चाहिए था. यहां तक माना जा रहा है कि खुद फ्लिपकार्ट के संस्थापकों में इस सौदे को लेकर मतभेद थे.

इनमें से कुछ लोग ऐसे भी हैं जो मानते हैं कि फ्लिपकार्ट के संस्थापक सचिन और बिन्नी बंसल को इस भारतीय कंपनी को वैश्विक स्तर पर ले जाना चाहिए था. जो संभावित रूप से अमेज़न और अलीबाबा को टक्कर दे सकता था. वर्तमान में अमेरिकी और चीनी की कई ऐसी कंपनियां हैं जिन्होंने अपने कारोबार को पूरी दुनिया में फैलाया है. अफ़सोस इस बात का है कि फ्लिपकार्ट ऐसा नहीं कर सकी.

हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू (एचबीआर) के 2008 में छपे एक लेख में कहा गया है कि अधिकांश उद्यमी बिल गेट्स या लैरी एलिसन-बिल्डिंग के पदचिन्हों पर चलकर वाले प्रतिष्ठित संस्थान बनाने के सपने देखते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि किसी कंपनी का सफल संस्थापक-सीईओ वास्तव में दुर्लभ नस्ल हैं. आंकडे बताते हैं कि एक चौथाई आईपीओ में संस्थापकों ने पहले चरण में अपने स्टार्ट-अप का नेतृत्व किया और 80 फीसदी संस्थापकों और सीईओ ने निवेशक दबाव ने इस्तीफ़ा दे दिया.

यही कारण है कि बहुत कम स्टार्ट-अप सफल नहीं हो पाते हैं. भारतीय कपनियों के संदर्भ इसे लेते हैं तो कई सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियां ऐसी थी जो आईबीएम जैसी बड़ी विदेशी कंपनियों को भी टक्कर दे सकती थी. प्रतिष्ठित उद्यमियों द्वारा स्थापित दक्षिणी और स्पेक्ट्रमइंड जैसे स्टार्ट-अप पांच साल से भी कम समय में अधिग्रहित किए गए. वर्तमान में कई भारतीय ई-कॉमर्स स्टार्ट-अप तरक्की के लिए निवेशकों के के दबाव के कारण फेल हो गए.

माना जा रहा है कि वालमार्ट के अधिग्रहण के बाद सचिन बंसल कंपनी से बाहर निकल सकते हैं. हालांकि वॉलमार्ट का कहना है कि वह समूह के सीईओ बिन्नी बंसल और फ्लिपकार्ट के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति की जोड़ी चाहती हैं. सचिन और बिन्नी फ्लिपकार्ट के 10 सदस्यीय बोर्ड का हिस्सा हैं, जबकि कल्याण बोर्ड में नहीं हैं.

ख़बरों के अनुसार बिन्नी बंसल फ्लिपकार्ट में अपने शेयरों का दसवां हिस्सा बेचने को तैयार हैं लेकिन सचिन बंसल इसके लिए तैयार नहीं थे. फ्लिपकार्ट की स्थापना 2007 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली के पूर्व छात्र सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने की थी. इससे पहले दोनों ने Amazon.com के लिए काम किया था.

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First published: 9 May 2018, 17:05 IST
 
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