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सबसे कम वक्त में 1 करोड़ रुपये जुटाने का आसान तरीका

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 October 2016, 15:46 IST

क्या आप भी करोड़पति बनना चाहते हैं? जाहिर है सभी के दिमाग में यह विचार आता है. लेकिन क्या यह वाकई संभव है? अगर आप इसका जवाब ढूंढ़ रहे हैं तो हम 'हां' कहेंगे. 

इक्विटी मार्केट में इसका जवाब हां में है और विशेषरूप से इक्विटी म्यूच्युअल फंड्स के सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिये इस ख्वाहिश को काफी हद तक पूरा भी किया जा सकता है. इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक एसआईपी कम वक्त में करोड़पति बनने का बेहतर जरिया है.

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के एमडी और सीईओ निमेश शाह कहते हैं उदाहरण के लिए अगर कोई व्यक्ति 20,000 रुपये प्रतिमाह एसआईपी में निवेश करता है तो 15 साल में यह रकम 1 करोड़ रुपये से ज्यादा हो जाएगी. वो भी तब जब आप केवल 12 फीसदी सालाना ब्याज दर की ही उम्मीद करेंगे. 

बता दें कि एसआईपी म्यूच्युअल फंड्स के जरिये वित्तीय निवेश की एक योजना है जिसमें निवेशक मासिक किस्तों के रूप में लंबे वक्त तक एक निर्धारित छोटी रकम जमा करते हैं. इससे व्यक्ति को ज्यादा वक्त में कम निवेश करके चक्रवृद्धि ब्याज के रूप में ज्यादा मुनाफा कमाने का मौका मिलता है.

मोतीलाल ओसवाल एएमसी के फंड मैनेजर गौतम सिन्हा रॉय कहते हैं कि इक्विटी मार्केट यानी शेयर बाजार में लोगों की सामान्य सोच यह रहती है कि जब किसी स्टॉक-इंडेक्स-शेयर का दाम उनके हिसाब से हो तो वे उसे खरीद लेते हैं और जब उन्हें उसमें एक निर्धारित सीमा में मुनाफा दिखता है, उसे निकाल देते हैं.

अक्सर आम निवेशकों द्वारा एसेट एलोकेशन के दौरान यह गलती करना सामान्य बात है. यह निवेशक ऊंची कीमत में खरीदकर कम दामों में बिक्री करते हैं.

ऐसे में जितनी जल्दी करोड़पति बनना चाहते हैं एसआईपी में निवेश शुरू करना बेहतर विकल्प है. जितनी जल्दी कोई व्यक्ति एसआईपी शुरू कर देता है उसे उतना ज्यादा मुनाफा और बड़ी रमक मिलने की संभावना रहती है. हालांकि यह निवेश लंबी अवधि में ही मुनाफा देता है..

हां यहां ध्यान देने वाली बात यह जरूर है कि किसी भी कंपनी की एसआईपी लेने से पहले अध्ययन कर लें. देख लें कि अन्य कंपनियों द्वारा किन फंड्स में कितना रिटर्न मिल रहा है और तुलना करने के बाद ही फैसला लें.

इसके साथ ही निवेशक को अपनी मौजूदा आय, भविष्य की जरूरत, किस वक्त निकासी करनी है, कितनी रकम चाहिए आदि बातों को ध्यान में रखकर ही निवेश करना चाहिए. 

यहां यह भी जानना जरूरी है कि एसआईपी लेने का मतलब सीधे यह नहीं होता कि निवेश की जाने वाली सारी रकम को शेयर बाजार में सीधे मुनाफे के लिए लगा दिया जाता है.

हकीकत यह है कि म्यूच्युअल फंड्स कंपनियों में अनुभवी फंड मैनेजर होते हैं जो निवेशकों की रकम को सुरक्षित, ज्यादा मुनाफा देने वाले, ज्यादा जोखिम वाले, स्थिर मुनाफा देने वाले आदि विकल्पों के मुताबिक चुनकर लगाते हैं और समय-समय पर इनपर नजर रखते हैं कि निवेश की गई रकम क्या रिटर्न दे रही है.

इसके अलावा एसआईपी में निवेश करने के बाद निवेशक को नियमित रूप से इन फंड्स पर नजर भी रखनी चाहिए कि इनका कैसा प्रदर्शन है. जरूरत पड़ने पर फंड मैनेजर को निर्देश देकर इन्हें किसी और फंड में भी स्विच किया जा सकता है. 

ऐसे में अगर आप भी अगले 10-15-20 साल में करोड़पति बनने का सपना देख रहे हैं तो उसी अनुपात में प्रतिमाह एक निर्धारित रकम की एसआईपी शुरू कर लें. 

और अगर आपकी जेब प्रतिमाह 10 हजार या इससे ज्यादा निवेश की इजाजत नहीं देती तो भी आप 1000 या इससे ऊपर की किसी भी रकम को एसआईपी के तौर पर जमा करना शुरू करके बचत की शुरुआत करें और जैसे-जैसे आय बढ़े एसआईपी में निवेश को बढ़ाते रहें.

First published: 27 October 2016, 15:46 IST
 
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