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ऑस्ट्रेलिया के इन दो खूबसूरत शहरों में बसने की आपकी ख्वाहिश अब पूरी नहीं हो पायेगी

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 October 2018, 15:00 IST

ऑस्ट्रेलिया में बसने की ख्वाहिश रखने वालों के लिए एक बुरी खबर है. वे अब सिडनी और मेलबर्न में नहीं रह पाएंगे.
प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन की सरकार देश के दो सबसे बड़े शहरों में प्रवासियों को बसने की अनुमति न देने के लिए योजना तैयार करने के शुरुआती चरणों में है. गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया में हर एक मिनट में एक व्यक्ति बसता है. पिछले तीन दशकों में आगमन की संख्या में बढ़ोतरी ने आबादी को 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है और आर्थिक विकास को कम किया है. यहां रहने वाले निवासियों को निराशा हुई है कि उनके जीवन की गुणवत्ता से समझौता किया गया है.

इन शहरों में घरों की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं. सड़कों पर कब्जा कर लिया गया है और मजदूरी में कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही है.पापुलेशन और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर मंत्री एलन टुज ने मंगलवार को एक भाषण में कहा कि "हम छोटे राज्यों और क्षेत्रों में अधिक नए आगमन नीति के उपायों पर काम कर रहे हैं और उन्हें कम से कम कुछ वर्षों तक वहां रहने की आवश्यकता है."

 

अमेरिका, ब्रिटेन से लेकर यूरोप तक सरकारों ने आप्रवासन पर कड़े नियम बना लिए हैं. लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने विपरीत मार्ग लिया है. इसके स्थायी प्रवासन कार्यक्रम ने वित्तीय वर्ष 2017 में लगभग 184,000 नए प्रवासियों के आगमन का स्वागत किया था.

ऑस्ट्रेलिया के आधे से अधिक लोगों का मानना है कि जून 2017 में प्रकाशित लोवी इंस्टीट्यूट सर्वेक्षण के मुताबिक हर साल ऑस्ट्रेलिया आने वाले प्रवासियों की कुल संख्या को लोगों ने बहुत अधिक माना था. ऑस्ट्रेलिया भारत से जाने वाले प्रवासियों की संख्या बहुत ज्यादा है. इसकी तुलना में वित्तीय वर्ष 2017 में 21%, चीन के बाद 15% और ब्रिटेन 9% के साथ है.

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First published: 9 October 2018, 14:55 IST
 
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