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Jio Phone लॉन्च के बाद क्या हैं Airtel, Vodafone, Idea के विकल्प

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 22 July 2017, 18:22 IST

रिलायंस कंपनी के मुखिया मुकेश अंबानी द्वारा मुफ्त के Jio Phone की लॉन्चिंग के बाद से प्रतिस्पर्धी टेलीकॉम ऑपरेटर्स और मोबाइल फोन निर्माताओं की नींद उड़ गई है. अन्य कंपनियों को उनके अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराते दिख रहे हैं.

ऐसे में बड़ा सवाल उठना लाजमी है कि अब इन कंपनियों के पास क्या विकल्प बचे हैं. कैसे यह कंपनियां खुद को Reliance Jio की सुनामी से बचा सकती हैं और कैसे अपने अस्तित्व को कायम रख सकती हैं.

ऐसे वक्त में सबसे पहले तो जान लीजिए कि Reliance Jio के इस कदम से 50 करोड़ मोबाइल कनेक्शन प्रभावित होने वाले हैं. इनके ऑपरेटर्स में Airtel, Vodafone, Idea, BSNL, MTNL, RComn, Aircel, Tata Docomo आदि शामिल हैं.

बेसिक फोन यूजर्स सबसे ज्यादा रकम कॉलिंग पर और सबसे कम मोबाइल डाटा पर करते हैं. लेकिन Reliance JioPhone से जुड़ने के बाद कॉलिंग-एसएमएस-रोमिंग की तो कोई चिंता ही नहीं रहेगी अनलिमिटेड डाटा (रोजाना आधा जीबी फुलस्पीड से) भी मिलेगा.

 

कैटेगरी में डिवाइड करना होगा

अगर देश के बाकी टेलीकॉम ऑपरेटर्स को Reliance के Jio Phone की सुनामी से बचना है तो इसके लिए उन्हें सबसेे पहले अपने यूजर बेस की आर्थिक स्थिति को समझना होगा. उन्हें जानना होगा कि बेसिक और फीचर फोन का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को कॉलिंग ही सबसे ज्यादा प्रभावित करती है डाटा नहीं.

नेटवर्क को अपग्रेड करना होगा
जाहिर है Jio के पास जो सबसे बड़ा हथियार है वो है इसका केवल और केवल 4G नेटवर्क ही होना. यानी Jio यूजर्स हमेशा 4G नेटवर्क पर ही रहेंगे. जबकि बाकी ऑपरेटर्स के पास 4G के अलावा 2G और 3G सर्किल भी हैं. इसलिए अन्य नेटवर्क ऑपरेटर्स को भी Jio से जंग में खुद का नेटवर्क अपग्रेड करके 4G करना होगा, तभी वो Jio जैसी सेवाएं दे सकेंगे.

फोन मैन्यूफैक्चरर्स से टाई-अप
चूंकि Reliance ने Jio टेलीकॉम लाने के बाद LYF नाम से खुद का फोन ब्रांड भी शुरू कर दिया था, इसलिए उसके पास यह एडवांटेज है. जबकि बाकी सभी ऑपरेटर्स खुद के फोन नहीं लाते हैं. लेकिन अब जब बाकी टेलीकॉम ऑपरेटर्स के पास खुद को बचाए रखने का कोई जरिया नहीं बचा है, तो ऐसे में उन्हें भी स्मार्टफोन जैसे फीचर्स वाले बेसिक फीचर फोन निर्माताओं से जुड़ना होगा.

इन कंपनियों को ऐसे फोन डेवलप करवाने होंगे जो केवल इन्हीं के नेटवर्क पर चलें और किसी पर नहीं, इन्हें कुछ CDMA जैसा कहा जा सकता है. हालांकि GSM में ऐसा करना मुश्किल है लेकिन नामुमकिन नहीं.

फोन की ही कीमत लें, मंथली रेंटल नहीं
जैसे Reliance ने अपने Jio Phone को 1,500 रुपये के सिक्योरिटी डिपॉजिट के साथ पेश किया है, बाकी ऑपरेटर्स को चाहिए कि वे ऐसा न करेें और केवल फोन की ही कीमत वसूलें.

मान लेतें हैं Airtel अपना 4G फीचर फोन 2,000 रुपये में पेश करती है और इसे लेने पर एक साल के लिए असीमित कॉलिंग के साथ मोबाइल डाटा मिल जाए. रोजाना डाटा की लिमिट हो लेकिन फोन 4G हो. दूसरे साल के लिए कंपनी अपने यूजर्स से 1,500 रुपये एक मुश्त या किश्तों में केवल मंथली प्लान के रूप में वसूले.

मुफ्त वॉयस कॉलिंग का है जमाना
टेलीकॉम ऑपरेटर्स को समझना होगा कि जब बाजार में एक ऐसा खिलाड़ी आ गया है जो मुफ्त में वॉयस कॉलिंग दे रहा है, तो उन्हें भी इस राह पर चलना होगा. अन्य कंपनियों को भी इस फॉर्मूले को जितनी जल्दी हो सके लागू कर देना चाहिए ताकि उनके ग्राहक नेटवर्क न छोड़ें.

इसके अलावा Jio की ही तरह केवल मोबाइल डाटा के दाम में ही मुनाफा कमाने की सोचें. हालांकि यह मोबाइल डाटा दाम भी Jio की टक्कर के होने चाहिए, इससे बहुत ज्यादा नहीं. वर्ना ग्राहक Jio की तरफ जाने में ज्यादा वक्त नहीं लगाएंगे.

प्रीपेड यूजर्स से ही है फायदा
यूं तो पोस्टपेड यूजर्स को भरोसेमंद माना जाता है लेकिन अब जब टेलीकॉम प्राइसवार छिड़ चुकी है, तो कंपनियों को प्रीपेड यूजर्स जोड़ने पर ही फोकस देना जरूरी होगा. प्रीपेड यूजर्स को छोटे पैक में जबर्दस्त ऑफर देकर जोड़ें और नेटवर्क का विस्तार करने में जुटें.

सर्विस क्वॉलिटी का ध्यान
Jio के बारे में एक बात तो कही जा सकती है कि भले ही कंपनी कितने दावे कर ले लेकिन अभी भी इसके सारे ग्राहक डाटा स्पीड और वॉयस कॉलिंग क्वॉलिटी को लेकर संतुष्ट नहीं हैं. इसलिए बाकी ऑपरेटर्स को इस बात का ध्यान रखना होगा कि अपने साथ ग्राहकों को जोड़े रखने के लिए उन्हें क्वॉलिटी सर्विस देनी होगी.

लीड करें, फॉलो नहीं
एक सबसे जरूरी बात यह है कि जिस तरह देसी टेलीकॉम बाजार में आते ही Reliance Jio ने खुद को नंबर एक बनाने की दिशा में कड़े और ऐतिहासिक कदम उठाए, वो पहले किसी ने सोचे नहीं थे.

ऐसे में अगर बाकी टेलीकॉम ऑपरेटर्स को Jio को टक्कर देनी है तो Reliance के किसी प्लान का इंतजार करने के बाद खुद वो प्लान देने की बजाय खुद से पहल करनी होगी. यानी अब जब Jio अपने सारे पत्ते खोल चुका है तो बाकी कंपनियों को खुद कोई ऐसा प्लान पेश कर देना चाहिए ताकि उसके ग्राहक जुड़े रहें, कहीं जाएं नहीं.

First published: 22 July 2017, 18:22 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

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